Hindi Shayari Part 6

काँटों पर चलकर फूल खिलते हैं,
विश्वास पर चलकर …भगवान .. मिलते हैं,
एक बात याद रखना दोस्त,,,,,!!
सुख में सब मिलते है,
लेकिन दुख में सिर्फ ..भगवान .मिलते है…

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कितना मुश्किल है मनाना उस शख्स
को ..

जो रूठा भी ना हो और बात
भी ना करे …

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जनाब मत पूछिए हद हमारी गुस्ताखियों की,
हम आईना ज़मीं पर रखकर आसमां कुचल दिया करते है…

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लफ्जो से तो L.K.G. के बच्चे भी खेलते हैं,
पर मजा तब हैं, जब लीखने का अंदाज कुछ शायराना हो !…

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दौलत चाहे बेईमानी से घर आये,
पर उसकी पहरेदारी के लिए सबको इमानदार शक्स चाहिए…

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कोई मज़बूत सी ज़ंजीर भेजो,
तुम्हारी याद पागल हो गई है…

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आखिर थक हार के, लौट आया मै बाज़ार से,
यादो को बंद करने के ताले, कही मिले नही !!

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किसी ने मुझसे पूछा “कैसी है अब जिंदगी”….
मैने मुस्कुरा कर जवाब दिया… “वो खुश है ….

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अपनी नाकामी का एक सबब ये भी है

दोस्तो,
चीज जो मांगते है सब से जुदा मांगते है…

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नाम बदनाम होने की चिंता छोड़ दी मैंने… अब जब गुनाह होगा, तो मशहुर भी तो होगे…!

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मैं हर किसी के लिए अपने आपको
अच्छा साबित नहीं कर सकता,
लेकिन
मै उसके लिए बेहतरीन हूं जो मुझे समजते है…

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कोई वकालत नहीं चलती ज़मीन वालों की ,
जब कोई फैसला आसमान से उतरता है ..!!

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मुझे घमंड था की मेरे चाहने वाले बहुत हैं इस दुनिया में,
लेकिन बाद में पता की सब चाहते हैं अपनी जरूरत के लिए…

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तुझे क्या पता की मेरे दिल में कितना प्यार हैं तेरे लिए,

जो कर दूँ बयाँ तो तुझे नींद से नफरत हो जाए..!!

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कुछ लाेग सिर्फ, ये साेचकर , बुरे बन जाते है,
कि
अच्छे लाेगाें काे ताे भगवान भी जल्दी ऊपर बुला लेते है…।।

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तुम मेरी बातों का जवाब नहीं देते तो कोई बातनहीं,
आओगे जब हमारी कब्र परतो हमभी ऐसा ही करेंगे।??????

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मैंने जान बचा के रखी है, एक जान के लिए,
इतना इश्क कैसे हो गया, एक अनजान के लिए…!!

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तू डालता जा शराब मेरे प्याले में,जब तक ना निकले वो मेरे खयालो से |

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टूट जायेंगी तेरी “जिद” की आदत उस वक़्त…
जब मिलेगी ख़बर तूजको की याद करने वाला, अब याद बन गया है !!

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कोई मुझे भी पत्थर सा दिल ला दो यारों..

आखिर मुझे भी इंसानो की बस्ती में ही जीना है…!!

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मुझसे दूरियाँ बनाकर तो देखो…
फिर पता चलेगा कितना नज़दीक हूँ मैं..

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वक़्त कब क्या रंग दिखाए हम नहीं जानते,

वर्ना जिस “राम” को रात को राज्य मिलने वाला था,

उसे सुबह वनवास ना मिलता….!!!!!

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लहरों को शांत देख कर ये न समझना की समंदर में रवानी नहीं है..
जब भी उठेंगे तूफान बन के उठेंगे..
अभी उठने की ठानी नहीं है …

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मेरे कंधे पर कुछ यूँ गिरे तेरे आंसू,
कि सस्ती सी कमीज अनमोल हो गयी…

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हाथों की लकीरों मैं तुम
हो ना हो…..

जिदंगी भर दिल में जरूर रहोगे…….

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अपने लफ़्ज़ों पर ग़ौर कर के बता ..
लफ्ज़ कितने थे, तीर कितने थे !!

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जहर के असरदार होने से कुछ नही होता दोस्त,
खुदा भी राजी होना चाहिए मौत देने के लिये.!!

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सुनो ! महफूज कर लो न हमें खुद में..
के बिन तेरे,
बेवजह बिखर रहे हैं हम..

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हमने तो खुद से इंतकाम लिया

तुमने क्या सोचकर मुहब्बत की ?

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किसान के लड़के ने अपने नाम के आगे Dr. जोड़ लिया….

गाँव मे हल ने कोने मे पड़े पड़े दम तोड़ दिया.

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नए अमीरों के घर भूलकर भी मत जाना
हरेक चीज़ की क़ीमत बताने लगते हैं…

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मेरे अलफ़ाज़ तो चुरा लोगे..

वो दर्द..

कहाँ से लाओगे ..

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समझ नहीं आता ,
उदासी के बाज़ार में…..
कहाँ-कहाँ खर्च करूँ ख़ुशी…..

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जीने के लिए रोज़ हँस लेता हुँ,
मगर, रोज़ थोड़ी थोड़ी
ज़िन्दगी बेच लेता हुँ…

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निकाल दे दिल से ख्याल उसका,

यादें किसी की तकदीर नहीं बदला करती….

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किस्मत से लड़ने में मजा आ रहा है । ये मुझे जितने नहीं देगी, और हार मैं मानुंगा नहीं…

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मैं अपने दुश्मन के भी गले लग जाऊँ…
शर्त ये है वो तुझसे
मिलकर आया हो…!

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आखिर गिरते हुऐ आँसुओं ने पूछ ही लिया…..
.
.
निकाल दिया न मुझे उसके लिऐ जिसके लिए तु कुछ भी नही…

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हो सके तो मुड़ के देख लेना, जाते जाते,

तेरे आने के भ्रम में,ज़िन्दगी गुज़ार लेंगे…

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मेरी आवारगी में कुछ कसूर तुम्हारा भी है….
ऐ.. दोस्त
जब तुम्हारी याद आती है तो घर अच्छा नही लगता……..

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मेरे बस मे हो तो लहरो को इतना हक़ भी ना दू….
लिखु नाम तेरा किनारे पे और लहरो को छुने तक ना दू….

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हादसे कुछ दिल पे ऐसे हो गये;

हम समंदर से भी गहेरे हो गये….

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दो हिस्सों में बंट गये मेरे दिल के तमाम अरमान…..

कुछ तुजे पाने निकले ..
कुछ मुजे समजाने निकले…

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किस तरह संभालोगे तुम जिंदगी के रिश्ते..
ज़रा सी एक जबान तो संभाली नहीं जाती..

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यूँ तो सिखाने को ज़िन्दगी बहुत कुछ सिखाती है…!! मगर….
झूठी हंसी हँसने का हुनर तो बस ‘मोहब्बत’ ही सिखाती है…!

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” बन्दा खुद की नज़र में सही होना चाहिए,
दुनिया तो भगवान से भी दुखी है ”

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“रुका हुआ है अज़ब धुप छाँव का मौसम,

गुज़र रहा है कोई दिल से बादलों की तरह..!!”

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“अब आई हो तो थोड़ी देर ठहर के जाना,

तुम बरसात हो,
कोई रूठी हुई महबूबा नहीं.”

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बचपन चवन्नी से हरे नोट में बदल गया…
मगर…बाज़ार बंद हो गया खुशियों का….

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दुसरा मौका सिफॅ कहानियां देती है, जिंदगी नहीं….

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गिनती ठीक से सीखा नहीं उस बच्चे ने…
मगर
इतना मालूम हैं खुशियाँ बांटने से बढती हैं …

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कुछ लोगों का दिल जीत लिया आकर इस
बरसात ने
और कुछ इस सोच में डूबे हैं की आज वो सोयेंगे कहां:(:(

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जी भर गया है तो बता दो,

हमें इनकार पसंद है….इंतजार नहीं…!

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लोग शोर से जाग जाते है….
मुजे तुम्हारी खामोंसी सोने नही देती….

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जिसको गलत तस्वीर दिखाई उसको ही बस खुश रख पाया…..
जिसके सामने आईना रक्खा हर शख्स वो मुझसे रूठ गया………

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हर कोई पूछता है ‘करते क्या हो तुम . . कि जैसे..मोहब्बत कोई काम ही नही..!

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जगडो का समाधा करता है. उसे वकील कहते है.
और
जो जगडा नही होने देता. उसे वडील
कहते है.

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दिल दुखाया करो इजाज़त है,
भूल जाने की बात मत करना ..!!

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सारी रात जागता रहा मै,
चाँद की एक झलक के खातिर…
पर कमबख्त बादलों को तरस भी ना आया,
मेरी बेचैनियों पर…….

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मिजाज अच्छा है आज हमारा,,,
ऐ_दोस्त,,,,,
सितम करना हो तो लौट आओ…..

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जिंदगी जख्मो से भरी हैं वक़्त को मरहम बनाना सीख लो ,

हारना तो मौत के सामने फिलहाल जिंदगी से जीतना सीख लो…

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बेख़बर हो गये हैं कुछ लोग,
जो हमारी ज़रूरत तक महसूस नही करते,
कभी बहुत बातें किया करते थे हमसे,
अब ख़ैरियत तक पूछा नही करते…

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“कांटो से बच बच के चलता रहा उम्र भर……

क्या खबर थी की चोट एक फूल से लग जायेगी……

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ज़रूरत’ दिन निकलते ही निकल पड़ती है ‘डयूटी’ पर,

‘बदन’ हर शाम कहता है कि अब ‘हड़ताल’ हो जाए ।।

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“इस कदर नसीब की हुकूमत है अपनी जिंदगी मे….

कि…

अब इन आँखों में ख्वाब और दिल में तमन्नाएँ भी इजाजतें लेकर आती हैं…

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तेरे नाम से ही जाने जाते हैं हम….!

ना जाने ये “शोहरत” है या “बदनामी”…!!

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हमारे मनाने की अदा इतनी हसीं होगी की….
तुम उम्र भर रूठे रहने को कोशिश करोगी…

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त्याग दी सब ख्वाहिशें, निष्काम बनने के लिए,
‘राम’ ने खोया बहुत कुछ, ‘श्री राम’ बनने के लिए !!

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“जिसे पूजा था हमने वो तो ख़ुदा ना हो सका
हम ही इबादत करते करते फ़क़ीर हो गये…….!!

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ताज्जुब न कीजिएगा गर कोई दुश्मन भी आपकी खैरियत पूछ जाए..
ये वो दौर है जहाँ, हर मुलाकात में मकसद छुपे होते है…

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एक अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी..

जीत जाओ तो कई अपने पीछे छूट जाते हैं..

और हार जाओ तो अपने ही पीछे छोड़ जाते हैं..

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जब भी होती है गुफ्तगु खुद से..
तेरा जिक्र जरूर आता है…!!

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गए थे उनके हुस्न को बेनकाब करने,
खुद उनके इश्क का नकाब पहनकर आ गए……

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कोई ना आएगा तेरे सिवा मेरी ज़िंदगी में ….!!
एक मौत ही है, जिसका हमवादा नहीं करते…!!!

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“दिल से बेहतर तो रावण है…
साल में एक ही दिन जलता है….

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इतनी तो सूरत
भी नही देखी मेने …….
जितनी तेरे इंतजार में घडी देखी है ।

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मैं अपने गम में रहता हूँ नबाबों की तरह
परायी ख़ुशी के पास जाना मेरी आदत नही…

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उसी से पूछ लो उसके इश्क की कीमत,

हम तो बस भरोसे पे बिक गए…

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“ऐ ख़ुदा, तू रोज़ मेरे गुनाह गिना करता है…
मुझे आने दे, तेरी नाइंसाफ़ियों का हिसाब भी हम करेंगे…

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हम बेवजह बेवक्त मुस्कुरा देते हैं,
कइ दुश्मनों को तो हम युं ही हरा देते हैं..!

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“बड़े अज़ीबो-गरीब हैं ये दर्द के रिश्ते,
जिसे देखो अपना दिखाई देता है।।।

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कि एक बार आज फिर खुदखुशी की हमने,
कि तेरी गली से निकले और तेरा दीदार हो गया।”

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क्यूँ भटकते हो सरेराह , बारिश का लुफ्त लेने को ।।।

कभी मेरी आँखों में ठहर के देखो , ये बेइंतहा बरसती है…..

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आज फिर छाये है उनकी रहमत से बादल।
भीगना है या तरसना किस्मत में खुदा जाने।।

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बड़ी बड़ी खुवाहिशे,
खाली खाली जेब.

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ज़माने भर की ईदों से हमें
क्या वास्ता ग़ालिब,,…

हमारा चाँद दिख जाये, हमारी ईद
हो जाये…

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भूतकाल भव्य था…और भविष्य
उज्ज्वल है…
तकलीफ तो साली आज है ….

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इक तुम भी ना कितनी जल्दी सो जाते हो,
लगता है इश्क को तुम्हारा पता देना पड़ेगा…

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हालात हैं,
वक़्त हैं,
या खुदा हैं।।।
ये रह रह के मुझे परखता कौन हैं।

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आओ के तुम्हें देखकर इफ़्तार कर लें हम,

इक मुद्दत हो गई है, इन आँखों को रोज़ा रखे हुए.

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तजुर्बे ने शेरों को खामोश रहना सीखाया,
क्योंकि दहाड़ कर शिकार नहीं किया जाता..

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अगर जिन्दगी इतनी अच्छी होती तो हम इस दुनिया में रोते- रोते हुए न आते..!!
और यह जिन्दगी बुरी होती तो जाते-जाते लोगों को रुलाकर न जाते…!!

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किसी टूटे हुए मकान की तरह हो गया है ये दिल,
कोई रहता भी नही,
और कमबख्त बिकता भी नही…

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हमारी तडप तो कुछ भी नही है हुजुर.!
सुना है आपके दीदार के लिऐ
तो आईना भी इंतजार करता है..!!!

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आयने भि तुजे कम पसंद करते हे ,क्युकि उसे
भि पता हे तुजे हम पसंद करते हे..!!!

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सम्भाले तो हूँ खुदको तुझ बिन,
मगर
जो छू ले कोई तो बिखर जाऊं मैं…

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शायरी छोड़ दी तो भूलने लगी हैं दुनिया;
जब लिखते थे शायरी तो एक नाम था अपना घायल ।

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हम तो शिकवा भी नहीँ कर सकते तुम्हारे दूर जाने का?
हमेँ तो हक भी नहीँ दिया तुमने रुठने और मनाने का…!!!

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थक गया करते-करते याद तुझको
अब तुझे मैं याद आना चाहता हूँ.

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बलखाने दे अपनी जुल्फों को हवाओं में,
जूड़े बांधकर तू मौसम को परेशां न कर.

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लीजिये तोड़ दिया उसने मेरे भरोसे को,

मैं तो सोचता था,टूटने के लिये तो बस शीशा बना है…

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तेरे तो सिफॅ दोसत अचछे होंगे ,
हमारे तो दुशमन भी दमदार होते है..।।

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आदत हमारी ख़राब नहीं

दोस्तों

बस ज़िन्दगी नवाबी जीते है…

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जो मेरे बूरे वक्त मे मेरे साथ हैं,
में उन्हें वादा करता हूँ

मेरा अच्छा वक्त सिर्फ उनके लिये होगा…!

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अकेला वारिस हूँ उसकी तमाम नफरतों का,
जो शख्स सारे शहर में प्यार बाटंता है!

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बस एक बात की उस को खबर ज़रूरी है,
के वो हमारे लिये किस क़दर ज़रूरी है !!

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तेरी जुदाई में और तो कुछ ना हो सका,
बस मोहब्बत से नफरत हो गयी…

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प्यार के नाम पे यहाँ तो लोग खून पीते है,
मुझे खुद पे नाज़ है की मैं सिर्फ शराब
पीता हु……

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अंत में लिखी है दोनों की बर्बादी,
आशिक़ हो या हो आतंकवादी….

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जीत हासिल करनी हो तो काबिलियत बढाओ,
किस्मत की रोटी तो कुत्ते को भी नसीब होती है.!!

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जब मेरी नब्ज देखी हकीम ने तो ये
कहा,
कोई जिन्दा है ईस मे.. मगर ये मर
चुका है !!!!

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ये हुस्न ये मौसम ये बारिश और मस्त ये मदमस्त हवाएँ …
लगता है आज फिर मोहबत ने किसी का साथ दिया है।

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फुरसत मिले तो चाँद से मेरे दर्द की कहानी पुछ लेना…
एक वही तो है हमराज मेरा तेरे सो जाने के बाद…

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ये तों अच्छा हैं कि मेरे शहर के
लोगों के ख़वाब पूरे नहीं होते,
वरना हर गली में ना जाने
कितने ताजमहल होते..??

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शतरंज की चालों का खौफ़ उन्हें होता है जो सियासत करते है,

साहेब !हम तो मोहबबत करते हैं !!..

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इश्क है तो कुबूल कर लो सरेआम दुनिया के सामने…
वो जो बंद कमरों मे होता है उसे हवस कहते है…

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सुरज ढलते ही रख दिये उसनें मेरे होठो पर होठं,

इश्क का रोजा था और गज़ब की ईफतारी थी…

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शुकर मान के मेने तुझसे कभी मुलाकात नहीं कि…. !! वरना !!

तेरे दिल को तेरे खिलाफ कर देता……

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इतना रोई मेरी मौत पे मुझे जगाने के
लिए……….
मै मरता ही क्यो अगर वो थोड़ा रो देती
मुझे पाने के लिए !!.

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इस कदर भूखा हूँ ऐ मेरे दोस्तों….

कि आजकल धोखा भी खा लेता हूँ!!

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प्रेम वो चीज है जो इंसान को कभी मुरझाने नहीं देताऔर नफरत वो चीज है जो इंसान कोकभी खिलने नहीं देती….

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कितनी खुबसूरत सी हो जाती है उस वक़्त दुनिया,

जब हमारा अपना कोई कहता है तुम याद आ रहे हो..!!

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लोग ग़लतियां कर के बदनामी से बच गये…
मैं चंद ख्वाब देख के भी गुनहगार हो गया।

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जुलम इतना ना कर की लोग कहे तुझे दुश्मन मेरा ,
हमने जमाने को तुझे अपनी जान बता रखा है !!

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किस के लिए जन्नत बनायी है तूने एखुदा..
कौन है यहाँ जो गुनाह-गार नहीं …??

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दुनिया को अक्सर वो लोग बदल कर जाते है,
जिन्हे दुनिया कुछ बदलने लायक नहीं समझती है..‪.

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तरस गए हैं तेरे लब से कुछ सुनने को हम…..

प्यार की बात न सही….

कोई शिकायत ही कर दे……….

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अगर इश्क करना हैं तो जज्बातो को एहमियत देना सिखो;

चेहरे से शुरु हुई महोब्बत अक्सर बिस्तर पर खत्म हो जाती हैं !!

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जिस इंसान की हर बात आपको सोचने पर मजबुर कर दे …
उस इंसान के साथ कभी दुश्मनी मत करो ..

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मुझे दुश्मनों से भी खुद्दारी की उम्मीद रहती है…!
.
.
सर किसी का भी हो कदमो में अच्छा नहीं लगता…!!

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मुहब्बतें भी अजीब, उसकी नफरतें भी कमाल…
मेरी तरह का ही, मुझ में समां गया इक शख्स…

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चाँद से नजदीकियां बढ़ने लगी है,
आदमी में फासला था, फासला है.

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वो जान गयी थी हमें दर्द में मुस्कराने की आदत हैं,
वो रोज नया जख्म देती थी मेरी ख़ुशी के लिए…

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बस यही सोच कर तूझसे मोहब्बत करता हूँ,,

मेरा तो कोई नही मगर तेरा तो कोई हो……

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आज़मा ले मुझको थोडा और, ए खुदा…
तेरा बंदा बस बिखरा हैं अब तक, टूटा नही…

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बुलंदी की उडान पर हो तो… जरा सबर रखो,
परिंदे बताते हैं कि… आसमान में ठिकाने नही होते….

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लडकियोंसे अच्छे शराबी है….
ग्लास जरूर तोड़ते हैं लेकिन दिल नहीं…

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हंसने की इच्छा ना हो…
तो भी हसना पड़ता है…
कोई जब पूछे कैसे हो…??
तो मजे में हूँ कहना पड़ता है…

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मजबूरियां ओढ़ के निकलता हूँ घर से,
वर्ना शौक तो अब भी है
बारिशों में भीगने का….!!

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मत पुछ कि कितनी महोबत्त है उस से,,
,
,
,
बारीस की बुंद भी उसे छुले ,,!
तो दिल मेँ आग लग जाती ह…

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जीवन में अगर आप कामयाब हो तो सब माफ़ है ..
वर्ना सब आपके बाप है. . .

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मैं सफल होना नही चाहता, मैं चाहता हूँ कि मेरी जिन्दगी सफल हो |

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जिन्दगी के मजे लो,
नही तो वक्त तो तुम्हारे मजे लेता ही रहेगा…

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हर रात जान-बूझ कर रखता हूँ दर खुला,
कोई तो हो लूटेरा जो मेरे गम भी लूट ले…

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कभी पीठ पीछे आपकी बात चले तो घबराना मत,

बात उन्हीं की होती है..

जिनमें कोई बात होती है ..

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बुलंदियों को पाने कि ख्वाइश तो बहुत है मगर ,

दूसरों को रौंदने का हुनर कहाँ से लाऊं ??????

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उस की हसरत है जिसे दिल से मिटा भी न सकूँ।।

ढूँढने उस को चला हूँ जिसे पा भी न सकूँ।।

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मैं अपने मुस्कराहट की आड़ में अपनी बेचैनी छुपा लेता हूँ,
मुस्कुराहटें सबके साथ बाँटी जा सकती हैं, बेचैनी नहीं…

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अब भला किस्मत में कहाँ वो छलकते पैमाने ,
हम तोह यादों के जाम चूम कर सूखे होंठ भिगो लें ….

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सरेआम ये शिकायत है मुझे ज़िन्दगी से,
क्यों मिलता नहीं मिजाज मेरा किसी से…!!

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मेरे व्यक्तित्व और मेरे व्यवहार को
कभी मत मिलाईयेगा !!

क्योंकि मेरा व्यक्तिव मै हूँ और मेरा
व्यवहार आप पर निर्भर करता है.!!

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ज़ख्म देने वालो पर, कोई असर नही होता…
लोग यूँही यादों से, ज़ख्मों को छेडते रहते हैं…!!

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नहीं फुर्सत यकीं मानो हमें कुछ और करने की,
तेरी यादें, तेरी बातें बहुत मसरूफ़ रखती हैं …..

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बरबाद कर देती है मोहब्बत हर मोहब्बत करने वाले को…!
क्यू कि इश्क़ हार नही मानता और दिल बात नही मानता.

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किसी की मजबूरियाँ पे न हँसिये.
कोई मजबूरियाँ ख़रीद कर नहीं लाता.

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जिदंगी तेरे ख्वाब भी कमाल के है…
तु गरीबों को उन महलों के सपने दिखाती है..
जिसमें अमीरों को नींद नहीं आती..

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शांत बैठा हुँ तो ये मत समझना कि आग
नहीँ है मेरे अंदर,
डरता हुँ कहीँ समन्दर कम ना पड़ जाये
बुझाने के लिये….।

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यूं तुझको पाने का ख्वाब देखने की कुछ तो सजा होगी,

पर हमारे फिर से मिलने की कोई तो वजह होगी…

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“ख़ूबसूरत था इस क़दर कि महसूस ना हुआ..!!

कैसे, कहाँ और कब मेरा बचपन चला गया”..!!

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नहीं फुर्सत यकीं मानो हमें कुछ और करने की, तेरी यादें, तेरी बातें बहुत मसरूफ़ रखती हैं …..

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किसे फ़िक़र है ज़माने के ज़ुल्मो सितम की,
दर्द अच्छे लगते है जब वो ज़ख्मो पे हाथ रखते है…

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इक तेरा ही नशा था जो शिकस्त दे गया मुझे।
वरना मयखाने भी तौबा करते थे मेरी मयकशी से ।।

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हासिल करके तो हर कोई मोहब्बत कर सकता है,

बिना हासिल किए किसीको चाहना कोई हमसे पूछे !!

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हमदर्दी ना करो मुझसे ऐ मेरे हमदर्द दोस्तों !!
वो भी बड़े हमदर्द थे जो दर्द हजारों दे गए !!

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शब्द दील से नीकलते है,
दीमाग से तो मतलब नीकलते है…

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सब कुछ हासिल नहीं होता ज़िन्दगी में यहाँ….
किसी का काश तो किसी का अगर छूट ही जाता है…!!!!

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तेरी आँखों की कशिश भी खींचती है इस कदर,

ये दिल सिर्फ बहलता नहीं बहक जाने की जिद करता है।

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मेरे तो दर्द भी औरो के काम आते है
मै रो पङुं तो कई लोग मुस्कराते ह!!!ै

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उसी का शहर,
वही खुदा और वहीं के गवाह…

मुझे यकीन था,
कुसूर मेरा ही निकलेगा |।।

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एक पत्थर कभी आसमान मे उछाला था मैने,
आज अपनी हालत देखकर लगता है,
कही वो उपर वाले को तो नही लग गंई ..

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लोग इन्सान देखकर मोहब्बत करते हैं,

मैने मोहब्बत करके इन्सानों को देख लिया |

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हम सबको मिला है,
मौत से उधार कुछ वक्त,
जिसे हम,
ज़िन्दगी कहते हैं !………

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बैठें तो किस उम्मीद पर बैठे रहें यहाँ,
उठें तो उठ के जायें कहाँ तेरे दर से हम ………

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तुम अगर लौट आओ तो मुझे ज़रा पहले बता देना,
मुझे खुद को ढूंढने में कुछ वक़्त लगेगा…..!!!

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फिर ,इश्क का ,जूनून सर पर है !…मयखानो ,से कह दो ,मधुशाला का ,दरवाजा खुला रखे !!

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हर साल पहली बरिश की ये बूँदे… चेहरे के साथ और भी बहुत कुछ गीला कर जाती है…

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“दुवा कभी खाली नही जाती,
बस लोग ईन्तजार नही करते…

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हज़ार तोड़ के आ जाऊं उस से रिश्ता,
मैं जानता हूँ वह जब चाहेगा बुला लेगा…

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जब भी में टुटता हुँ तुम्हे ढुढता हुँ !!!

तुमने एक बार कहां था ना हम एक है !!!!!!

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तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे…

अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती…

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उम्रकैद की तरह होते हैं कुछ रिश्ते , जहाँ जमानत देकर भी रिहाई मुमकिन नहीं…

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सोचता हूँ कि कभी भी तुझे अब याद ना करूँगा मैं,

फिर सोचता हूँ कि ये फर्क तो रहने दो हम दोनों में…………

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गलती स्वीकार करने और पाप छोड़ने में कभी देर नहीं करना चाहिए
क्योंकि सफर जितना लम्बा होगा, वापसी उतनी ही मुश्किल होगी………!!

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कौन कहता है कि मुहब्बत की शुरूआत निगाहों से होती है!!!!
हमने उन्हें भी इश्क करते देखा है , जिनके आँख नहीं होते .

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चुप रहना ही बेहतर है, जमाने के हिसाब से,
धोखा खा जाते है, अक्सर ज्यादा बोलने वाले !!

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बहुत नज़दीक आती जा रही हो,
बिछड़ने का इरादा कर लिया है क्या…..!!

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अजीब शर्त रखी दिलदार ने मिलने की,
सूखे पत्तों पर चलकर आना और आवाज़ भी न हो…

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तेज रफ़्तार ज़माने में फुरसत में बड़े हैं लोग…
मेरी बातें करते हुए चौराहों पर खड़े हैं लोग….

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नहीं करेंगे आज के बाद कभी मन्नतें तुम्हारी….
खुदा जब राजी होगा तब, हर चीज़ मेरी होगी….

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जब कभी भी बादलों में घिरता है,
चाँद लगता है आदमी की तरह l

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काफ़ी है मेरे दिल कि तसल्ली को यही बात।।
आप आ न सके आप का पैग़ाम तो आया।।

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बता किस कोने में,
सुखाऊँ तेरी यादें

बरसात बाहर भी है,
और भीतर भी है.

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ऐ बादल !
मेरी आँखे तुम रख लो . .
.
.
कसम सें बड़ी माहिर हैं
बरसने मे . . .

*******

शुक्र मना जिंदगी तुझपे अहसान किया है,
तुझपे मेरे क़त्ल का इल्ज़ाम नही है..!!

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वाह वाह बोलने की आदत डाल लो,
मै मोहब्बत में अपनी बरबादियां लिखने
वाला हुं……

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न जाने कैसे आग लग गई बहते हुए पानी में…

हमने तो बस कुछ खत बहाऐ थे उसके नाम के..!!!!!

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ज़माने भर की ईदों से मुझे क्या मतलब,
मेरा चाँद मिल जाये, मेरी ईद हो जाये.

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एक बाजी के सिवा क्या निकली,
ज़िंदगी भी तो इक जुआ निकली ।

*******

बरबाद कर देती है मोहब्बत हर मोहब्बत करने वाले को
क्यू कि
इश्क़ हार नही मानता ,और दिल बात
नही मानता ,,,,,,!!!

*******

किसी पर मर जाने से शुरु होती है मोहब्बत……….

इश्क जिन्दा लोगों का काम नही.

*******

हमें आदत नहीं हर एक पे मर मिटने की…
तुझे में बात ही कुछ ऐसी थी दिल ने सोचने की मोहलत ना दी…

*******

बहुत शौक से उतरे थे इश्क के समुन्दर में..!!
एक ही लहर ने ऐसा डुबोया कि आजतक किनारा ना मिला.!!

*******

क्यूँ शिकायत हो खताओं की कभी ऐ दोस्त,
ज़िंदगी यूँ भी खताओं के सिवा कुछ भी नहीं।।।

*******

मैं सुनाऊँगा तुम्हें अपना भी अफ़साना मगर,
इस कहानी में बलाओं के सिवा कुछ भी नहीं।।।

*******

कोशिशें की समझदार बनने की..

लेकिन खुशियाँ बेवकूफियों से
ही मिली….!!

*******

ये किस मोड़ पर ले आए हालात मुझे,
लोग दुआ देते हैं या ख़ैरात मुझे।।।

*******

कहीं मैं डूबने से बच न जाऊँ, सोचकर ऐसा
मेरे नज़दीक से होकर कोई तिनका नहीं निकला |

*******

बहुत शौक से उतरे थे इश्क के समुन्दर में..!!
एक ही लहर ने ऐसा डुबोया कि आजतक किनारा ना मिला.!!

*******

राख से भी आयेगी खुशबू मोहब्बत की;
मेरे ख़त को तुम यूँ सरेआम जलाया न करो l

*******

आदत बना ली मैंने, खुद को तकलीफ देने की, ताकि जब अपना कोई तकलीफ दे, तो तकलीफ ना हो…

*******

वो मेरि होगि तो लोट आएगि एक दिन मेरे पास,
हम जिसे प्यार कर्ते हे उसे कैद नहि कर्ते..!!!

*******

यूँ तो मैं दुश्मनों के काफिलों से भी
सर उठा के गुजर जाता हूँ…
बस,
खौफ तो अपनों की गलियों से गुजरने में लगता है, कि कोई धोखा ना दे दे |।।

*******

लोग कहते हैं की ईद आई हैं ,
तूम आ जाओ तो यकीन आ जाये….

*******

बेवफ़ाओं की महफ़िल लगेगी आज

ज़रा वक़्त पर आना…

मेहमान-ए-ख़ास हो तुम !!

*******

खुबसूरत तो नाला भी होता है,
बस नजर सूअर की चाहिए….

*******

बहुत खूबसूरत है ना वहम ये मेरा…

कि तुम जहाँ भी हो सिर्फ मेरे हो …

*******

है इश्क़ तो फिर असर भी होगा,
जितना है इधर उधर भी होगा…

*******

ऐ सुनो तुम इतने भी अच्छे नही हो..

बस मेरे चाहत -ए-दिल ने सिर पर चढा रखा है.

*******

शराब _शराब हैं , मैं ज़हर भी पी जाऊँ,
शर्त ये है कोई बाहों में सम्भाले मुझको..

*******

धमकियाँ देते हो जुदाई की…
उफ्फ…
मुहोब्बत में बदमाशियाँ…

*******

वक़्त की कीमत कोई उस अख़बार से पूछे . . .
दिन बीत जाने के बाद जिसकी कोई कीमत नहीं होती . . .

*******

वो पूछते हैं ईतने गम में भी खुश क्युँ हो..!!!
मैने कहा प्यार साथ दे न दे यार साथ हैं…..

*******

दिन गुज़र जाता है तपते हुए सूरज की तरह ,
शाम आती है तो ढल जाने को जी चाहता है….!!

*******

जिस दिन खुद से दोस्ती हो जायेगी,
इस कमबख्त अकेलेपन से निजात मिल जायेगी..

*******

दिखा ईद का चाँद तो मांगी ये दुआ रब से,
दे दे तेरा साथ ईद का तोहफा समझ कर…

*******

दो तरहसे देखने में इन्सान छोटे नजर आते हे,

एक दूर से और एक गुरुर से. . .

*******

उधर से चाँद तुम देखो,इधर से चाँद हम देखे..!
निगाहें यूँ टकराये के दो दिलो की ईद हो जाये..!

*******

अपने वजुद पे इतना ना इतरा ऐ जिंदगी..
वह तो मौत है जो तूझको मोहलत देती जा रही है..

*******

जाने क्यूँ बरसने से, मुकर जाता है हर बार,
मेरे हिस्से में आया है, जो टुकड़ा बादल
का…

*******

लोग मुझे पत्थर मारने आये तो वो भी साथ थे….
जिनके गुनाह कभी हम अपने सर लिया करते थे….

*******

बहुत ख़ूबसूरत है, ये वहम हमारा….

कि वो जहाँ भी हैं, सिर्फ हमारें हैं…….

********

यारा उदास मुस्कुराहटों के पीछे, ग़म के रेले हैं,
अब तुम्हे क्या बताएं, कि तुम बिन हम कितने अकेले हैं……

*******

कौन कहता है की खुदा दिखाई नहीं देता,
एक वोही तो दिखता है जब कोई दिखाई नहीं देता…

*******

हुस्न हर बार शरारत में पहल करता है ,
बात बढती है तोह इश्क के सर आती है……….

*******

अगर देखनी है कयामत तो चले आओ हमारी महफिल मे. .
सुना है आज की महफिल मे वो बेनकाब आ रहे हैँ…!!!

*******

ऊसने आकर मिजाज पूछ लिया,
अब कहाँ तबिअत संभलती है …….

*******

तुम्हारे खुश होने के अंदाज से लगता है….
कुछ टुटा है बड़ी खामोशी से तेरे अन्दर….

*******

ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए….
वो अगर ज़ेहन से उतर जाएँ…..!!

*******

आसान सा रास्ता है बदनाम होने का यारो ,
ज्यादा कुछ नही फ़कत मोहब्बत कर लो …..

*******

खुद में भी तलाश किया लोगों से भी पूछा…
तेरे दूर जाने की वजह आज तक नहीं मिली…

*******

महबूब का घर हो या फरिश्तों की ज़मी..
जो छोड़ दिया फिर उसे मुड़ कर नहीं देखा…

*******

क्यों हम फिर अलग होके यहाँ नफरत को बो रहे हैं,
हासिल नहीं कुछ होता, बस अपनों को खो रहे हैं….

*******

बूँदे कुछ यूँ गिरी क़ि कुछ ख़्याल भीग गये…

*******

तूने प्यार सौदा समजके ही किया होता तो अच्छा होता.
मुनाफे के लिए ही सही तेरा प्यार थोडा तो सच्चा होता …

*******

जिनके इरादे नेक होते हैे..

उनके दोस्त अनेक होते हैं !!

*******

तुम्हीं ने अपनी लत लगाईं थी,
फिर तुम्हारी शामत तो आनी ही थी।

*******

अब तुम्हारे बिना ईद कैसे हो..!
चाँद ही तो दिखा है, तुम तो नही….

*******

कुछ तुम ले गये… कुछ ज़माना ….
इतना सकून …हम लाते भी कहाँ से..!!

*******

पत्तों सी होती है कई रिश्तों की उम्र,
आज हरे कल सूख जाएं……

क्यों ना जड़ों से सीखें, रिश्तेदारी निभाना….!!

*******

तु आये तो इद , नहीतो रोजा ,
तनहाइ अब बन गइ है बोजा ।

*******

मुबारकबाद तो देना चाहते थे हम ऊनको ईद की,
बीच में उनके फेके पत्थरो की दीवार आ गयी…

*******

आप आसमान में तकते रह गए.……
हमने चाँद खिड़कियों पर देखा है…..

*******

सोचता हूँ धोखे से ज़हर दे दूँ..

सभी ख्वाहिशों को दावत पे बुला कर ।।।

*******

जी भर गया है तो बता दो….
हमें इनकार पसंद
है….
इंतजार नहीं…!

*******

आज की रात कुछ ख़ास है . . कहो तो मांग लू तुम्हे…. .
कहते हैं के आज की रात दुआएं क़बूल होती हैं…

*******

नहीं चाहिए मुझे ऐसा कोई तोहफा जो मेरी उम्र बढ़ा दे;
दे दे मुझे कोई ऐसी दुआ जो मुझे चैन की नींद सुला दे।

*******

लोग कहते हे शराब पीने से कलेजा जलता हे…

और हम कहते हे शराब

तभी पी जाती हे जब कलेजा जलता हे।।

*******

शब्द शब्द सब कोइ कहे, शब्द के हाथ न पांव;
एक शब्द औषधि करे और इक शब्द करे सो घाव.

*******

भूखा पेट, खाली जेब, और झूठा प्रेम,

इंसान को जीवन में बहुत कुछ सिखा जाता है।

*******

तेरे प्यार की कोई दुसरी निशानी दे मुजे,
ये आंसु तो रोज गीर के सुख जाते हैं !

*******

इश्क़ के चर्चे भले ही सारी दुनिया में होते होंगे …
पर दिल तो ख़ामोशी से ही टूटते हैं ..

*******

वैसे तो एक आँसू ही बहा के मुझे ले जाए,
ऐसे कोई तूफ़ान हिला भी नहीं सकता..

*******

कभी हक़ीक़त में भी बढ़ाया करो ताल्लुक़ हमसे…..

अब ख़्वाबों की मुलाक़ातों से तसल्ली नहीं होती..!!

*******

सारी दुनियाँ मैं ईद है,
लेकिन
हमारा चाँद आज भी गुम है….

*******

आसमान में उड़ने वाले जरा ये खबर भी रख,
जन्नत पहुँचने का रास्ता मिट्टी से ही गुजरता है।।।

*******

ख्वाहिशें रोज़ दंगे करतीं हैं घर में….
रिश्तों में अक्सर, कर्फ्यू लग जातें हैं…

*******

यूँ तो हर शाम उम्मीदों में गुज़र जाती थी।।
आज कुछ बात है जो शाम पे रोना आया।।

*******

ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया।

जाने क्यों आज तेरे नाम पे रोना आया।

*******

अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द मिटा दें..
कुछ दर्द कलेजे से लगाने के लिए हैं।

*******

पहले सौ बार इधर और उधर देखा है

तब कहीं डर के तुम्हें एक नज़र देखा है।

*******

कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते,

कुछ रिश्ते नाम के ही होते हैं…

*******

परेशानियों ने भी क्या खूब याद रखा मेरे घर का पता….
बस ये खुशिया ही है जो आवारा निकली….!!

*******

कुछ लोग मेरी शायरी से सीते है अपने ज़ख़्म,

कुछ लोगो को मैं चुभता हु एक नोक की तरह….

*******

तकलीफें तो हज़ारों हैं इस ज़माने में,
बस कोई अपना नज़रअंदाज़ करे तो, बर्दाश्त नहीं होता…

*******

पता है गलत हो, फिर भी अड़े हो…
तुम दिल दुखाने के, माहिर बड़े हो….!!!

*******

खबर नहीं मुझे यह जिन्दगी कहाँ ले जाए;
कहीं ठहर के मेरा इंतज़ार मत करना।

*******

जब मुझे यकीन है के खुदा मेरे साथ है।
तो इस से कोई फर्क नहीं पड़ता के कौन कौन मेरे खिलाफ है।।

*******

काश ये इश्क भी चुनावों की तरह होता…
हारने के बाद विपक्ष में बैठकर कम से कम दिल खोलकर बहस तो कर लेते.

*******

मिलने की तमन्ना मे जी रहा हूँ ………..!
यूँ ज़िन्दगी से मुझको भी कोई मोहब्बत
नहीं है………..!!

*******

आईना भला कब किसी को सच बता पाया है,
जब भी देखो दांया, तो बायां नज़र आया है….

*******

उनके खूबसूरत चेहरे से नकाब क्या उतरा,
जमाने भर की नीयत बेनकाब हो गयी…!

*******

कमाल का ताना दिया आज किसी ने कि….
अगर वो तेरा है तो तेरे पास क्यूँ नहीं..?

*******

बड़ा घाटे का सौदा है सदा ये साँस लेना भी,
बढ़े है उम्र ज्यूँ-ज्यूँ ज़िंदगी कम होती जाती है…

*******

तारीफ तेरी आखो की ज़माने से हमने बहुत सुनी है,

जब भी पलके जुखी तब महोब्बत लाखो को हुई हैं…

*******

एक बात पुछु जवाब मुस्कुराके देना ..

मुझे रुला कर खुश तो होना ??

*******

और तो कुछ नहीं चाहिए मुझे तुझसे…
ए ज़िन्दगी,
बस वो एक शख्स लौटा दे जो मुझे तुझसे भी प्यारा हैं ….

*******

पागल नहीं थे हम जो तेरी हर बात मानते थे ,

बस तेरी खुशी से ज्यादा कुछ अच्छा ही नही लगता था…

*******

जब तमन्ना जवान होती है,
ज़मीं भी आसमान होती है।।।

*******

मैं फिर से, ठीक तेरे जैसे की तलाश में हूँ..

गलती कर रहा हू लेकिन होशोहवास में हूँ…

*******

जाम का नशा होता तो पी जाता,
पर तुझे किस तरह पियूँ…!!!

*******

वो ज़ुल्म करते रहे,हम शिकार होते रहे,

हमें भी शौक़ था,ज़ालिम को आज़माने क़ा…

*******

तू जरा हाथ मेरा थाम के देख तौ सही …

लोग जल जायेगें मेहफील मे , चिरागो की तरह …

*******

यारा दिल की बातें जो तुम समझ
जाते ,
इन आँखों को आंसुओं की जरूरत
ना होती ………

*******

चुपचाप चल रहे थे सफर-ए-हयात में,

तुम पर नजर पड़ी तो गुमराह से हो गये…

*******

कहना ही पड़ा उसे
शायरी पढ़ कर हमारी
कंबख्त की हर बात मोहब्बत से भरी है.!!

*******

छोड तो सकता हुँ पर छोड नहीँ पाता …
वो शख्स मेरी बिगडी हुई आदत बन गया है___!!

*******

अगर गुलाम बनोगे तो कुता समजकर लात मारेगी दुनिया..
अगर गुलाम बनाओगे तो शेर समजकर सलाम ठोकेगी दुनिया…

*******

कमाई तो जनाज़े के दिन पता चलेगी..
दौलत तो कोई भी कमा लैता हे…….!!

*******

चलते थे इस जहाँ में कभी सीना तान के हम,
ये कम्बख्त इश्क़ क्या हुआ घुटनो पे आ गए हम !!!!!

*******

नहीं पसंद है ये सब, लेकिन कुछ तो ऐसा पसंद है, कि बस, इसके कारण इस धरती पर रहना पसंद है…

*******

आखिर देता मुझे ये कैसी सजा भी तू…
है गलती भी तेरी और खफ़ा भी है तू …!!

*******

हर रोज़ पीता हूँ तेरे छोड़ जाने के ग़म में,
वर्ना पीने का मुझे भी कोई शौंक नहीं,
बहुत याद आते है तेरे साथ बीताये हुये लम्हें,
वर्ना मर मर के जीने का मुझे भी कोई शौंक नहीं|

*******

काश मेरी ज़िन्दगी का अंत कुछ इस तरह हो,
की मेरी कबर पे बना उनका घर हो,
वो जब जब सोये ज़मीन पर,
मेरे सीने से लगा उसका सर हो…

*******

मैंने दिल के दरवाजे पर चिपका दी है एक चेतावनी,,,

फ़ना होने का दम रखना तभी भीतर कदम रखना..!!

*******

मुस्कराहट यूँ मेरे दिल के जख्मों को छुपा लेती है,
माँ जैंसे अपने बच्चों के ऐबों को सबसे छुपा लेती है…

*******

कभी भूख से बहुत गहरा रिश्ता रखता होगा..
वो जो आजकल अपनी रोटी बाँट कर खाता है !!

*******

हाथ में पैमाना , उँगलियों में सिगरेट फँसा है |
धुआँ धुआँ यादें हैं , हकीकत बस नशा है |

*******

जो मेरे बूरे वक्त मे मेरे साथ हैं,
में उन्हें वादा करता हूँ…
मेरा अच्छा वक्त सिर्फ उनके लिये होगा…

*******

तेरी यादे भी समंदर के किनारों
पे आती लहेरो की तरह है ,
जो ना खुद सूखती है न किनारों
को सूखने देती ह…

*******

बरसती बारिशों से बस इतना ही कहना है —
के इस तरह का मौसम मेरे अंदर भी रहता है —

*******

मुझे मालूम है तूमनें बहुत बरसातें देखी है,
मगर मेरी इन्हीं आँखों से सावन हार जाता है…

*******

चाहत की राहो में काँटा भी फुल है,
चाहत को तौलना दुनिया की भूल है.

*******

लफ्ज़ दो ही अच्छे लगते है तुम और तुम्हारी याद…………………

*******

तेरे ही नाम से ज़ाना जाता हूं मैं,
ना जाने ये शोहरत है या बदनामी…

*******

दुनिया के सबसे मुश्किल कामों में एक है,
समझदारों को समझाना…..

*******

कागज़ पे रख कर रोटियां खायें भी तो कैसे???

खून से लथपथ आता है अखबार आज कल…

*******

एक समंदर जो मेरे काबू में है
और इक कतरा है जो संभलता नही,
एक जिंदगी है जो तुम्हारे बगैर बितानी है
और इक लमहा है जो गुजरता नहीं ।

*******

दीवारो पर बस एक नाम लिखा था मुहब्बत….!
बारिश की बूंदों ने उसे चूम चूम के मिटा दिया…!!

*******

जितना छिड़का है….तूने ज़ख़्मों पे….उतना खाया नही….नमक तेरा….!

*******

गुजरूँगा तेरी गली से अब गधे लेकर ..!

तेरे नखरों के बोझ मुझसे उठाए नहीं जाते ..!!

*******

सच्चाई के आईने काले हो गये,
बुजदिलों के घर मेँ उजाले हो गए।

झूठ बाजार मेँ बेखौफ बिकता रहा,
मैंने सच कहा तो जान के लाले हो गए!

*******

उसीसे पुछलो उसके इश्क़ की किम्मत ..,

हम तो बस भरोसे पे बिक गए ….!!!

*******

नया हू अभी धिरे धिरे सिख जाऊंगा.. पर,
किसीके सामने झुक कर अपनी पेहचान
नहि बनाऊंगा…..!

*******

जिन्दा रहो जब तक ,लोग कमियां ही निकालते हैं ,

मरने के बाद जाने कहाँ से इतनी अच्छाइयां ढूंढ लाते हैं।

*******

ये चाँद चमकना छोड़ भी दे, तेरी चांदनी मुझे सताती है,
तेरे जैसा ही था उसका चेहरा, तुझे देख के वो याद आती है.

*******

लफ्जो की बनावट मुझे नहीं आती….

मुझे तुमसे मोहब्बत है…सीधी सी बात है ।

*******

अगर बिकी तेरी दोस्ती तो पहले ख़रीददार हम होंगे!

तुझे ख़बर न होगी तेरी क़ीमत पर,
पर तुझे पाकर सबसे अमीर हम होंगे…

*******

बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं…

अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती…

*******

तुमने तो फिर भी सीख लिए दुनिया के चाल चलन…

हम तो कुछ भी ना कर सके बस मुहब्बत के सिवा !!

*******

न ज़ख्म भरे, न शराब सहारा हुई.,
न वो वापस लौटीं, न मोहब्बत दोबारा हुई..

*******

ये लाली, ये काजल, ये जुल्फें भी खुली खुली ,
तुम यूँ ही जान मांग लेती,
इतना इंतजाम क्यूँ किया..!!

*******

है दर्द सीने में मगर होंठों पे जज़्बात नहीं आते ,
आखिर क्यों वापिस वो बीते हुए लम्हात नहीं आते !

*******

….. देख इतना मुझे कि…..!!
तेरी ही नज़र लग जाए मुझे…,,
अच्छा लगता है तेरी ही नज़र से मर जाना.

*******

उठाये जो हाथ उन्हें मांगने के लिए,
किस्मत ने कहा, अपनी औकात में रहो।

*******

संवर रही है, अब वो किसी और के लिए.,
पर मैं बिखर रहा हूँ, आज भी उसी के लिए.

********

तेरे लहजे में लाख मिठास सही मगर,

मुझे जहर लगता है तेरा औरों से बात करना….

*******

मेरी उस मौत का मंजर भी हसीं होगा,

तुम अपने लबों पे ज़हर रखो और मैं उसे चूमता रहूँ…

*******

कोई एक शख्स तो यु मिले,
कि वोह मिले तो, सुकून मिले.

*******

जब वो खामोश होती है तब मुझे
दुनिया की सबसे महेंगी चीज उनकी”आवाज़” लगती है…!!!

*******

मेरी पलकों की नमी इस बात की गवाह है..!
मुझे आज भी तुमसे मोहब्बत बेपनाह है..!

*******

अपनी रूह तेरे जिस्म में छोड़ आये…..
गले मिलना तो एक बहाना था…

*******

बड़ा मिठा नशा है तेरी याद का …..
वक़्त गुजरता गया और हम आदी होते गए।।।

********

समय अच्छा हो तो आपकी गलती भी मजाक लगती है,
और समय खराब हो तो मजाक भी गलती बन जाती है..!

*******

“समय हमें समझदार बनाये इसके पहले हमें समयसर समजदार बन जाना चाहिए”

*******

कभी किसी की खुशियों को खराब न करो !

क्या पता ये उसकी जिन्दगी की आखिरी खुशियां हों…!”

*******

मैं शिकायत क्यों करू, ये तो किस्मत की बात है, 🙁

तेरी सोच में भी नहीं मैं, मुझे लफ्ज़ लफ्ज़ तू याद है !……….

*******

हमे भी इश्क करने दो जनाब..

सब नेक बनेंगे तो इस दुनिया मे गुनाह कोन करेगा………

*******

खतरो मेँ पले हैँ खतरो मेँ खिले हैँ,
ये खेल कुरबानी के हमेँ जागीर मेँ मिले है..

*******

तुमने कहा था, आँख भर के देख लिया करो मुझे;
अब आँख भर आती है पर तुम नज़र नहीं आते​…

*******

ईन होंठो को परदे में छुपा लिया किजीये…
हम गुस्ताख लोग हैं नजरों से चुभ लिया करते हैं…

*******

ओरो के लिए जीते थे किसी को कोई शिकायत न थी।
अपने लिए जीनेका क्या सोचा सारा जमाना दुश्मन हो गया.

*******

एक दिन किसी ने पूछा —
कोई अपना तुम्हे छोड़ क चला जाये तों
क्या करोगे?
हमने कहा:
अपने कभी छोड़ के नहीं जाते और जो चले जाये
वो अपने नहीं होते…..

*******

नवाबी तो हमारे खुन मे है पर पता नही ये दिल कैसे तेरी गुलामी करना सीख गया..!!

*******

जुबान का वजन बहुत कम होता हे,
पर बहुत कम लोग इसे सम्हाल पाते हे…

*******

मुस्कुराना तो मेरी शख्सियत का एक हिस्सा है दोस्तों,
तुम मुझे खुश समझ कर दुआओ में भूल मत जाना…

*******

मेरे बस मे हो तो लहरों को इतना हक भी ना दू…
लिखू नाम तेरा किनारे पे और लहरो को छुने तक ना दू …

*******

कोई मुझे भी पत्थर सा दिल ला दो यारों…
आखिर मुझे भी इंसानो की बस्ती में ही जीना है…!!

*******

मरते तो तुझ पर लाखो होगें,
मगर हम तो तेरे साथ जीना चाहते है…

*******

रहें दुरियाँ… तो क्या हुआ , याद
नज़रों से नहीं,
दिल से किया जाता है…..!!

*******

बात ये नही है कि “तेरे बिना” जी नही सकते,बात ये है कि “तेरे बिना” जीना नही चाहते….

*******

मैं तो इसलिए चुप हूँ कि तमाशा ना बन जाये..
और तुम ये समझ बैठे कि.. मुझे तुमसे गिला कुछ नहीं..

*******

मोहब्बत भी अजीब चीज बनायीं खुदा तूने,
तेरे ही मंदिर में,
तेरी ही मस्जिद में,
तेरे ही बंदे,
तेरे ही सामने रोते हैं,
तुझे नहीं, किसी और को पाने के लिए.

*******

तुजको लेकर मेरा ख्याल नहीं बदलेगा..!! साल बदलेगा..
मगर दिल का हाल नहीं बदलेगा..!

*******

किसी को चाहो तो इस अंदाज़ से चाहो,
कि वो तुम्हे मिले या ना मिले,
मगर उसे जब भी प्यार मिले, तो तुम याद आओ…!!

*******

उजड़ गए न सर से पाँव तक और करो.
बेपरवाह लोगों से बेपनाह मोहब्बत…!!

*******

सारा शहर अब जलने लगा है मुझसे ,,
यकीनन कुछ अच्छा किया होगा मैंने .. ..

*******

हमारे हौसले को अपनी सोच से नापने की कोशिश न कर,
क्यों की जहाँ पर तुम ख़त्म होते हो, वहां से हम शुरू होते हैं..!!

*******

बिन बुलाये आ जाता है,
सवाल नही करता…
ये खयाल भी किसी का,
खयाल नही करता …

*******

टुटी कलम और,औरो से जलन,
खुद का भाग्य लिखने नहीं देती।

*******

देख ज़माने ने,कैसी तोहमत लगाई है; नशीली आखें तेरी और शराबी हमें कहते है..!!

*******

संवर रही है, अब वो किसी और के लिए.,
पर मैं बिखर रहा हूँ, आज भी उसी के लिए.

*******

आरज़ू होनी चाहिये किसी को याद करने की,
लम्हें तो अपने आप ही मिल जाते हैं ..
कौन पूछता है पिंजरे में बंद पंछियों को,
याद वही आते हैं, जो उड़ जाते हैं ….!!

*******

तुझ तक पहुंचा दे..वो राह नहीं मिलती ..।
हमने हर इक मोड़ से..पूछा,तेरा पता..॥

*******

तु मिल गई है ताे मुझ पे नाराज है खुदा..
कहता है की तु अब कुछ माँगता नहीं है..!!

*******

ये तो जिन्दगी की कशमकस में थोड़ा उलझ गए हैं दोस्तो,
वर्ना…
हम तो उनमें से है,
जो दुश्मनों को भी अकेला महसूस नहीं होने देते…!

*******

सुना है वो कह कर गये है के अब तो हम,
सिर्फ़ तुम्हारे ख्वाबो मैं ही आएँगे,
कोई कह दे उनसे की वो वादा कर ले हम से,
ज़िंदगी भर के लिए हम सो जाएँगे…

*******

खुदा के वास्ते वापिस कर दो न … !!
बिना दिल के अब मेरा दिल नहीं लगता !!

*******

नज़र को नज़र की खबर ना लगे,
कोई अच्छा भी इस कदर ना लगे,
आपको देखा है बस उस नज़र से,
जिस नज़र से आपको नज़र ना लगे…!

*******

नर्म लफ़्ज़ों से भी लग जाती है चोटें अक्सर,
रिश्ते निभाना बड़ा नाज़ुक सा हुनर होता है…!!

*******

वाह री दुनियाँ, तेरे वादे,
झूठी मुस्काने, खोटे इरादे ।

*******

एक तेरी खामोशी ही जला देती है इस पागल दिल को…
बाकी सब बाते अच्छी है तेरी तस्वीर में….

*******

सब कुछ पा लिया मैंने , पर वो तेरे मेंहदी लगे हाथ मेरे ना हो सके……

*******

घर के दरवाजे बड़े करवा लिए है मैंने….
कुछ दोस्तों का कद बड़ा हो गया चार पैसे कमाकर….

*******

बहला रही है भूख को पानी उबाल कर !!
वो मां है दिखा देगी बच्चों को पाल कर !!

*******

इतर से कपड़ों का महकाना कोई बड़ी बात नहीं हे…,
मज़ा तो तब है जब आपके किरदार से खुशबु आये.. ।।

*******

ये झूठ है… के मुहब्बत किसी का दिल तोड़ती है , लोग खुद ही टुट जाते है,,,, मुहब्बत करते-करते….

*******

वातावरण को जो महका दे उसे ‘इत्र’ कहते हैं,
जीवन को जो महका दे उसे ही ‘मित्र’ कहते हैंl

*******

तुम ताल्लुक तोड़ने का जिक्र किसी से
भी ना करना,

हम लोगों से कह देंगे कि उन्हें फुर्सत
नहीं मिलती..

*******

डूब कर सूरज ने मुझे और भी तनहा कर दिया,
मेरा साया भी अलग हो गया मेरे अपनो की तरह….

*******

मेरी हिम्मत को परखने की गुस्ताखी न करना,
पहले भी कई तूफानों का रुख मोड़ चुका हूँ……!!!!

*******

छोटी-सी जिंदगी है, तकरार किस लिए,
रहते हो दिलों में फिर दीवार किस लिए…

*******

तुम…तुम और सिर्फ तुम…
लो ख्तम हुइ मेरी दास्तान…

*******

अपनी दोस्ती का बस इतना सा उसूल है…
ज़ब तू कुबूल है तो तेरा सब कुछ कुबूल है….

*******

फिर कोई जख्म मिलेगा तैयार रह ऐ दिल…
कुछ लोग फिर पेश आ रहे हैँ बहुत प्यार से….

*******

मैँ कभी बुरा नही था उसने मुझे बुरा कह दिया……
फिर मैँ बुरा बन गया ताकि उन्हे कोई
झुठा ना कह दे…

*******

सजदों में गुजार दुँ अपनी सारी जिंदगी,
एक बार वो कह दे के मुझे दुआओं से मांग लो…!!!!

*******

तुझे छोङ दूं तुझे भूल जाँऊ,
कैसी बातें करते हो,.

सुरत तो फिर भी सुरत है,..
मुझे तो तेरे नाम के लोग भी अच्छे लगते है…!!

*******

जिनका मिलना नहीं होता किस्मत में,
उनकी यादें कसम से कमाल की होती हैं..!!

*******

जिसके पास उम्मीद है वो लाख बार हार कर भी नहीं हार सकता..

*******

आसमां में मत ढूँढ अपने सपनों को
सपनों के लिए तो ज़मीं जरूरी है

सब कुछ मिल जाये तो जीने का क्या मजा
जीने के लिए कुछ कमी भी तो जरूरी है..

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जो मिलते हैं वो बिछड़ते भी हैं,
हम नादान थे एक शाम की मुलाकात को ..जिंदगी समझ बैठे..

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उसे ये शिकवा के मैं उसे समझ न सका..
और मुझे ये नाज़ के मैं जानता बस उसको था..!!

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क्यों याद करेगा कोई बेवजह मुझे अये खुदा,
लोग तो बेवजह तुम्हे भी याद नहीं करते…

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है दफ़न मुझमे मेरी कितनी रौनके मत पूछ…
उजड़ उजड़ कर जो बसता रहा वो शहर हूँ मैं….

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अबकी बार तुम मिले तो पलके बंद ही रखेंगे ,
ये बातूनी आंखें मुंह को कुछ बोलने नहीं देती..!!

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फासला अब भी दो क़दमों का ही है…..
पहले कदम कौन बढ़ाए, तैय ये नहीं है …!!!!

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कुछ खास नही बस इतनी सी है मोहब्बत मेरी .. !!

हर रात का आखरी खयाल और हर सुबह की पहली सोच हो तुम..,!!

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ये मासूमियत का कौन सा अन्दाज़ है,

पर काट कर कह दिया कि,अब तुम आजाद हो।

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काश कैद कर ले वो पगली मुझे अपनी डायरी मे…
जिसका नाम छिपा होता है मेरी हर शायरी मे . . . !

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मतलब की दुनिया थी इसलिए छोड़ दिया सबसे मिलना,

वरना ये छोटी सी उम्र तन्हाई के काबिल नही थी…!!

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जहाँ से तेरा मन चाहे,
वहाँ से मेरी जिन्दगी को पढ़ ले,
पन्ना चाहे कोई भी खुले..
हर पन्ने पर तेरा ही नाम होगा…

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खुशी देने वाले अपने तो होते ही है..

पर गम देने वाले भी अजनबी नही होते…

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शक तो था मोहब्बत में नुक़सान होगा ।।
पर सारा हमारा ही होगा ये मालूम न था ।।

*******

आईना देखोगे तो मेरी याद आएगी
साथ गुज़री वो मुलाकात याद आएगी
पल भर क लिए वक़्त ठहर जाएगा,
जब आपको मेरी कोई बात याद आएगी.

*******

ज़ख़्मों के बावजूद मेरा हौसला तो देख,,
तू हँसी तो मैं भी तेरे साथ हँस दिया..!!

*******

चलो आज चक्कर लगाने जाते है
दुश्मन की गली में,
देखना है,अपने दिल की धड़कने
तेज होती है,या दुश्मन की…….

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अमीरो के लिए होगी धनतेरस आज….
गरीबो के लिए तो आज भी धन की तरस है !!

*******

तेरे बिना तो जिन्दगी खाली लगती हैै!

तु जो होती है साथ मेरे तो दिवाली लगती है….

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जला रखे है मैंने, सौ दीये . . .
तुम आओ तो, रौशनी हो . . .

*******

वो मेरे साथ ही रहता है जहाँ तक जाऊं,
मैं हूँ दरिया तो है वो शख्स किनारा मेरा…

*******

ये रास्ते ले ही जाएंगे…. मंजिल तक, तू हौसला रख,
कभी सुना है कि अंधेरे ने सुबह ना होने दी हो..!!

*******

तेरी आँखे दिवाली के दो दिये हैं,
जिसने रौशन मेरी जिंदगी किये हैं !!!!

*******

खूबसूरत चेहरे से “नकाब” क्या उतरा…,
“जमाने भर की नीयत ” बेनकाब” हो गयी…!!!

*******

कोशिश करना कि जिन्दगी मे वह सख्स आपको हमेशा मुस्कराता हुआ मिले,
जो आपको रोज़ आईने में दिखाई देता है!

*******

रौशनी में कुछ कमी रह गई हो तो बता देना ।

दिल आज भी हाजिर है जलने को … ।।

*******

कर दे मेरे गुनाहों को माफ़ … ए-दोस्त …
सुना है
…सोने के बाद कुछ लोगों की सुबह
नही होती !!

*******

परेशान न हो, में गम में नहीं हुं,सिफॅ मुस्कराने कीआदत चली गई हैं !

*******

वक़्त बहुत कुछ, छीन लेता है … खैर मेरी तो सिर्फ़ मुस्कुराहट थी ….!!

*******

यहाँ मेरा कोई अपना नहीं है..
चलो अच्छा है कुछ ख़तरा नहीं है !!

*******

गलत सुना था मोहब्बत आंखो से होति है,
दिल तो वो भि ले जाते है जो पलके तक नहि उठाते….

*******

जुबाँ पर जिक्र नही आता उनका तो क्या हुआ…!
आज भी उन्ही की हुकूमत मेरी हर एक सांस पर है…

*******

खुशबू कैसे ना आये मेरी बातों से यारों,
मैंने बरसों से एक ही फूल से मोहब्बत की है.

*******

लड़की ढूंढनी होती तो कबकी ढूँढ लेते….
हम तो बादशाह है रानी ही ढूंढेग!.

*******

इस दुनिया मे कोई किसी का हमदर्द नहीं होता…

लोग ज़नाजे के साथ भी होते हैं
तो सिर्फ अपनी हाजिरी गिनवाने के लिए ….

*******

बड़ी बे-वक़्त आती है आपकी याद , इठलाती हुई ……
एक वक़्त इसका भी , मुक़र्रर कर दीजिये आप ……!!

*******

जब अल्फ़ाज़ पन्नों पे शोर करने लगें…
समझ लेना सन्नाटे बढ़ गये हैं दिल मे!

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कोई चाहत की बात करता है
तो कोई चाहने की…

हम दोनोँ आज़मा के बैठे हैँ..

ना चाहत मिली..
ना तो चाहने वाले.!!

*******

पत्थर की मूरत को लगते हैं छप्पन भोग, दो रोटी के वास्ते मर जाते हैं लोग…

*******

अजीब सी आदत और गजब की फितरत है मेरी..
मुहब्बत हो या नफरत बहुत शिद्दत से करता हूँ…

********

ऐ समन्दर.
मैं तुझसे वाकिफ हूँ मगर इतना बताता हूँ,
वो आंखें तुझसे ज़्यादा गहरी हैं जिनका मैं आशिक हूँ…

*******

शायरी से ज्यादा प्यार मुझे कहीं नही मिला..

ये सिर्फ वही बोलती है, जो मेरा दिल कहता है…

*******

कह दो अपने दांतों को, क़ि हद में रहें,
तेरे लबों पे बस मेरे लबों का हक़ है…

*******

मैं इस काबिल तो नही कि मुझे कोई अपना समझे,
पर इतना तो यकीन है,
कोई अफसोस जरूर करेगा मुझे खो देने के बाद ।।

*******

आसान नहीं उस शख्स को समझना,
जो जानता सब कुछ हो पर खामोश रहे हर वक़्त…

*******

चेहरे की हंसी से ग़म को भुला दो,
कम बोलो पर सब कुछ बता दो.

खुद ना रुठों पर सब को हँसा दो,
यही राज है ज़िंदगी का, कि जियो और जीना सिखा दो…..

*******

कोई अपना हमसे जब भी रूठ जाता है,
ऐसा लगता साथ रब का छूट जाता है.

*******

जानते हो मुहब्बत किसे कहते है..?
किसी को सोचना,
फ़िर मुस्कुराना और फ़िर आँसू बहाते हुए सो जाना…!!

*******

दुनिया बेताब है खूबसूरत चेहरों के लिये,
मगर हमको आज भी तलाश खूबसूरत दिल की है..!

*******

सोचने वालों की दुनिया…
दुनिया वालों की सोच से अलग होती है…

*******

तुम्हारी निगाहें बोलती बहुत हैं,
आँखों पर अपनी पलकें गिरा दो।

*******

ना बादशाह हुं मै दिलों का , ना शायर हुँ मे अल्फ़ाज़ों का
बस जुबान साथ देती है , मै बाते दिल से करता हूँ…

*******

बड़े खुदगर्ज होते हैं
ये गुब्बारे
चंद सांसो में फूल जाते हैं
.
थोड़ी सी ऊंचाई पर जाकर अपनी
औकात भूल जाते हैं …

*******

मेरी शराफत को तुम बुज़दिली का नाम न दो ,.,.,
दबे न जब तक घोडा ,बन्दूक भी खिलौना ही होती है…

*******

ना रोक कलम मुझे दर्द लिखने दे,
आज तो दर्द रोयेगा या दर्द देने वाला..!!

*******

हमने वफाओ की दुहाई देकर कहाँ ज़िंदगी हो आप
हमारी….
और वो मुस्कुरा कर बोले ज़िंदगी का कोई
“भरोसा” नहीं होता….

*******

छोटा बनके रहेगा तो मिलेगी हर बड़ी रहमत…
बड़ा होने पर तो माँ भी गोद से उतार देती है…

*******

वो जान गयी थी हमें दर्द में मुस्कराने की आदत हैं,

वो रोज नया जख्म देती थी मेरी ख़ुशी के लिए…

*******

जिनकी शायरी में होती हैं सिसकियाँ अक्सर,
वो शायर नहीं किसी बेवफा के दीवाने होते है …

*******

लाल आँखे और होंठ शबनमी ,.,
पी के आये हो या खुद शराब हो ,.,!!!

*******

तुम “कई” बार मिल चुके होते ..
तुम जो मिलते अगर दुआओं से ..

*******

मेरे व्यक्तित्व और मेरे व्यवहार को कभी मत मिलाईयेगा..

क्योंकि मेरा व्यक्तिव मै हूँ और मेरा व्यवहार आप पर निर्भर करता है…

*******

सब छोड रहे हैं मुझे अपना बनाकर,
ऐ जिंदगी तुझे भी इजाजत है…..

*******

तुम आये तो लगा हर खुशी आ गई,
यू लगा जैसे ज़िन्दगी आ गई…
था जिस घड़ी का मुझे कब से इंतज़ार
अचानक वो मेरे करीब आ गई …

*******

मेरे दिल से तुम्हारेँ दिये हुये हर दर्द मिट जाते है,
जब तुम मुस्कुरा के पूछती हो “नाराज हो क्या ..!!! ”

*******

तुम शराफ़त को बाज़ार में क्यूँ ले आए हो…
दोस्त
ये सिक्का तो बरसों से नहीं चलता…!!

*******

मैंने तो देखा था बस एक नजर के खातिर….
क्या खबर थी की रग रग मे समां जाओगे तुम….

*******

“परख अगर हीरे की करनी है
तो कभी अंधेँरे मे मिलो,,,ऐ_दोस्त,,.,,,
……वरना धुप मे तो काँच के टुकडे
भी चमकते है……”

*******

सांप बेरोजगार हो गये, अब आदमी काटने लगे..
कुत्ते क्या करे? तलवे, अब आदमी चाटने लगे..!!

*******

डर मुझे भी लगा फासला देखकर,
पर मैं बढता गया रास्ता देखकर,
खुद बा खुद मेरे नजदीक आती गयी ,
मेरी मंजिल,मेरा होसला देखकर।।

*******

आँखें थी जो कह गयी सबकुछ..!!
लफ्ज़ होतें तो मुकर गए होतें…!!

*******

रोकने की कोशिश तो बहुत की पलकों ने….

पर इश्क मे पागल थे आंसू खुदखुशी करते रहे….

*******

आदत मेरी अंधेरों से डरने की डाल कर ,
एक शख्स मेरी जिंदगी को रात कर गया …….

*******

मेरी आधी फिक्र,आधे ग़म तो यूँही मिट जाते हैं…
जब प्यार से तू मेरा हाल पूछ लेती है!!

*******

अगर अब की बार आईना खरीदना हो तो जरा बड़ा खरीदना ,
मैं चाहता हूँ तुम्हें अपने अलावा दूसरी चीजें भी दिखाई दें ……

*******

मुझ पर तू जो सितम करता है बेवफा समझकर ,
मैं भुला देता हूँ वो सब कुछ , तुझे खुदा समझकर …….

*******

रोज़ सोचती हूँ भूल जाऊँ तुम्हें …,
फिर रोज़ ही ये बात भूल जाती हूँ​…!!!

*******

तुझसे अच्छे तो मेरे दुश्मन निकले….;
जो हर बात पर कहते हैं.. ‘तुम्हें नहीं छोड़ेंगे”

*******

“बहुत याद करते हो तुम भी मुझे,
ना जाने दिल से ये वहम जाता क्यों नहीं”

*******

अरे पगलि हस मत!!!!! पयार हो जाऐगा!!!!????

*******

“मै सिगरेट पीकर अपने फेफड़े जलाना ज्यादा पसंद करूँगा,
बजाय…
किसी लड़की से मोहब्बत करके अपना दिल जलाने के”

*******

हवस ने पक्के मकान, बना लिये हैं जिस्मों में,
मुहब्बत किराये की झोपड़ी में, बीमार पड़ी है आज भी…

*******

मोहब्बत भी अज़ीब खेल है..

दोस्तोँ..

जो जितना अच्छा खेलता है,

वो बाज़ी हार जाता है !!

*******

ज़िन्दगी से कोई दुश्मनी नहींहै मेरी…!
बस एक ज़िद हैतेरे बिना नहीं जीना..!!

*******

एक सवेरा था, जब हंस कर उठते थे हम,
आज कई बार बिना मुस्कुराये ही शाम हो जाती हैं !!

*******

कभी “खुद” से मिला मेरे मौला….
थक गया हूं गैरों से मिलते मिलते…

*******

जी भर गया है तो बता दो
हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं…..

*******

“देखे जो बुरे दिन तो ये बात समझ आई,
इस दौर में यारों का औकात से रिश्ता है।।।

*******

खुशबू कैसे ना आये मेरी बातों से यारों,
मैंने बरसों से एक ही फूल से मोहब्बत की है.

*******

क्या खूब होता जो यादें भी रेत होती,
मुठ्ठी से गिरा देते, पावं से उड़ा देते…

*******

दर्द का मेरे यकीं आप करें या न करें,
इल्तजा इतनी सी है बस दुआओं में याद रखें!

*******

लाख मिठाइयां चखी हो तुमने
मगर..
खुशी के आंशू का स्वाद सबसे मीठा है…

*******

बुरा वक्त बताकर नहीं आता…
पर सीखाकर और समझाकर बहुत कुछ जाता है..!

*******

मिटाना भी चाहूँ
तो भी मिटा नही सकता…!!
उसका नाम अपने दिल से…

क्यूंकि मिटाए तो वो जाते हैं
जो गलती से लिखे जाते हैं…!

*******

मिटाओगे कहा तक मेरी यादें, मेरी बातें…
मैं हर मोड़ पर लफ्जो की विरानी छोड़ जाउंगा….

*******

कुछ बातें कह दी जायें तो मुनासिब हैं……कि प्यार हो या नफरत ज़ाहिर हो जाये तो अच्छा है ..

*******

अब ऩ कोई हमे मोहब्बत का यकीन दिलाये,
हमें रूह में भी बसा कर निकाला है लोगो ने.

*******

ना तो अनपढ़ रहा और,
ना ही काबिल हुआ मैं…

खामखा ए इश्क तेरे स्कूल में,
दाखिल हुआ मैं…

*******

“मोहब्बत को मोहब्बत से मोहब्बत हो गयी,
मोहब्बत ही मोहब्बत पे फ़िदा हो गयी.
जब मोहब्बत को मोहब्बत की मोहब्बत न मिली तो.
मोहब्बत ही मोहब्बत पर फनाह हो गयी.”

*******

हम दोनों ही डरते थे, एक दूसरे
से बात करने मे
मुझे मोहब्बत हो गई थी इसलिए
और उसे मोहब्बत न हो जाए इसलिए …

*******

कदम लडखडाये तो पता चला की पी ली हैं …

वरना याद में आपकी,वैसे भी हम नशे में रहेत हैं..

*******

मैं तुझसे अब कुछ नहीं मांगूगा ए खुदा……
तेरी देकर छीन लेने की आदत मुझे पसंद नही…

*******

इतनी ठोकरे देने के लिए शुक्रिया, ए-ज़िन्दगी..
चलने का न सही,,,,सम्भलने का हुनर तो आ गया…

*******

इक बात हमेशा याद रखना…
तुम्हारे जीतने सौख है,
उतनी तो मेरी आदतें है …

*******

मरते तो तुझ पर लाखो होंगे……
मगर मै तो तेरे साथ जिना चाहता हुँ ।

*******

कुछ तो बेवफाई मुझ मे भी है…

जिंदा हुँ तेरे बगैर…!!

*******

हँस कर दर्द छुपाने की कारीगरी मशहुर हैं मेरी ।
पर कोई हुनर काम नही आता,
जब उनका नाम आता है ।

*******

बीमार ने किसी को याद करके मुस्कुरा दिया ,

दुनिया ने समझा ये दवावो का असर है ।

*******

हर नज़र से उम्मीद मत कर ऐ दिल!

प्यार से देखना किसी की आदत भी होती है…

*******

मरने की लाखो वजह देती है दुनिया
पर जीने की वजह तो बस एक तू है…

*******

मुकाम वो चाहिए की जिस दिन भी हारुँ,
उस दिन जीतने वाले से ज्यादा मेरे चर्चे हो।।

*******

दम तोड़ जाती है हर शिकायत लबो पर आकर..
जब वो मुस्कुरा कर कहती है “अरे मैनें किया क्या है”..

*******

मेरे हक में खुशियों की दुआ करते हो,,,,
तुम खुद मेरे क्यों नहीं हो जाते हो…!!!

*******

किस्मत ओर सुबह की नींद ,
कभी समय पर नहीं खुलती ….

*******

तासीर किसी भी दर्द की मीठी नही होती।।।
यही वजह है की आसू भी नमकीन होते है।।।

*******

किस्मत और पत्नी
भले ही परेशान करती है लेकिन
जब साथ देती हैं तो
ज़िन्दगी बदल देती हैं.।।

*******

इंसान को तब ही समझ में जीवन का सार आता है…
जब वह ज़माने से तो जीत, मगर खुद से हार जाता है…

*******

टूट कर बिखर जाते है वो लोग मिटटी की दीवारों की तरह,,,
जो खुद से भी जादा किसी और से मोहबत किया करते है..!

*******

मैं माथा कही भी टेक सकता हु,
पर घुटने नहीं……….

*******

“अरमान था तेरे साथ जिंदगी बिताने का,
शिकवा है खुद के खामोश रह जाने का,
दीवानगी इस से बढकर और क्या होगी,
आज भी इंतजार है तेरे आने का.”

*******

रात भर जलता रहा ये दिल उसी की याद
में,
समझ नहीं आता दर्द प्यार करने से होता हैं या याद करने से..

*******

मुफ्त में रिश्ते भी नही निभाते लोग…
मुफ्त तो यहाँ हवा भी नहीं मिलती…
एक साँस भी तब आती है…
जब एक साँस छोड़ी जाती है…

*******

कर्ज लेने की आदत तो ना थी हमारी ,
पर पता नहीँ दिल सदा ही उनके पास ही गिरवी क्युँ
रहता है ? ?

*******

” क्यूँ ना गुरुर करता मैं अपने आप पे,
मुझे उसने चाहा…
जिसके चाहने वाले हज़ारों थे…”

********

इन शोहरतों में आ कर हम और तनहा हो गए,
तेरी यादें आते आते जाने कहाँ चली जाती है…..

*******

“जितनी भीड़ बढती जा रही है ज़माने में,
उतने ही लोग अकेले होते जा रहे है”

*******

आयने भि तुजे कम पसंद करते हे ,

क्युकि उसे भि पता हे तुजे हम पसंद करते हे..!!!

*******

तेरे लिए कभी इस दिल ने
बूरा नहीं चाहा..

ये और बात हैं के, मुझे
ये साबित, करना नहीं आया..!!

*******

कुछ यादें दे गये हैं कुछ धोखे दे गये हैं

जो कुछ भी दे गये हैं मेरे अपने दे गये हैं !

*******

फिर उसने मुस्कुरा के देखा मेरी तरफ़ !
फिर एक ज़रा सी बात पर जीना पड़ा मुझे ।

*******

ये बात और है कि इज़हार ना कर सकेँ..

नहीँ है तुम से मोहब्बत..भला ये कौन कहता है.

*******

सुन्दरता की प्रतिस्पर्धा अपने पुरे शबाब पे है….
आज एक चाँद दूसरे चाँद के इंतज़ार में है….!!

*******

क्या ऐसा नहीं हो सकता हम प्यार मांगे..
और तुम गले लगा के कहो.. और कुछ..??

*******

इसे लबों से चूमते हैं… ज़ुबाँ से छेड़ते
हैं…बूँद-बूँद… धीरे धीरे… ये शराब हैं
जनाब… इसे हम यूँ ही नहीं पीते..

*******

“मैने सीखा है इन पत्थर की मुर्तीयों से,

भगवान बनने से पहले पत्थर बनना जरुरी है”

*******

लोग तो बे-वजह ही खरीदते हैं आईने ,
आंख बंद करके भी अपनी हकीकत जानी जा सकती है ।

*******

मेरा जहाँ तो तुम में ही समा गया था,
जिस दिन तुमने दाँतो तले ऊँगली दबा के देखा था मुझे !!!!

*******

इश्क़ मैँ तेरे नशे मेँ चूर होता जा रहा हूँ।
मैँ तुम्हेँ लिखते-लिखते मशहूर होता जा रहा हूँ॥

*******

डियर मेरे वाली,

तुम जहाँ कहीँ भी हो, मेरे लिये व्रत मत रखना..
मेरी उम्र से ज्यादा, तुम्हारी सेहत जरुरी है ।

*******

अब तो मोहब्बत भी सरकारी नौकरी जैसी लगती है..
कबखत ग़रीबों को तो मिलती ही नहीं..!!

*******

स्क्रीन टच करती हजारो मिली,
मैं उसे ढ़ूंढ़ रहा था जो दिल टच कर जाए !!

*******

तुम हक़ीक़त-ए-इश्क़ हों या फ़रेब मेरी आँखों का,
न दिल से निकलते हो न मेरी ज़िन्दगी में आते हो !!!!

*******

बेक़सूर कौन होता हैं इस ज़माने में
बस सबके गुनाह पता नहीं चलते।।

*******

मेरी कलम ने भी मेरा साथ छोड दिया
कहती है अब तुम्हारे हाथ मे बंदूक ही अच्छी लगती है…

*******

दुनिया टूटते हुए तारे से भी दुआ मांगती है…
कौन कहता है बर्बादी किसी के काम
नहीं आती…!!

*******

काश ! वो सुबह नींद से जागे तो मुझसे लड़ने आए…
कि तुम होते कौन हो मेरे ख़्वाबों में आने वाले!!!!

*******

सँमदर से कह दो अपनी मौजे सम्भाल के रखे ।
यहाँ लोग ही काफी है, जिँदगी मे तुफान लाने के लिए…

*******

धोखा तो दोस्ती मे हम भी दे सक्ते थे. .
मगर” रघुवंशी” का बेटा हु गदारी हमारे”खुन” मे नही है …

*******

वो दोस्त मेरी नज़र में बहुत मायने रखते है,

वक़्त आने पर सामने जो मेरे आईने रखते है……!

*******

बोहत मुश्किल है मोहबत की कहानी लिखना
जैसे पानी पर पानी से पानी लिखना..

*******

मयखाने सजे थे, जाम का था दौर,
जाम में क्या था, ये किसने किया गौर.!.
जाम में “गम” था मेरे अरमानो का,
और सब कह रहे थे एक और एक और..!!..

*******

जितना मजाक दुनिया उड़ाती है
उतनी ही किस्मत जगमगाती ह…

*******

ये लफ़्ज़ों की शरारत है, ज़रा संभाल कर लिखना तुम;

मोहब्बत लफ्ज़ है लेकिन ये अक्सर हो भी जाती है…

*******

मंज़िल पाना तो बहुत दूर की बात हैं।
गुरूर में रहोगे तो रास्ते भी न देख पाओगे।।

*******

जैसा मूड़ हो वैसा मंजर होता है..
मौसम तो इंसान के अंदर होता है…

*******

तेरे रुखसार से ही जल जाती है सिगरेट मेरी,

इस आतिशी हुस्न ने माचिस की बचत कर दी !!

*******

किस्मत बुरी या मै बुरा फैसला हो ना सका !
मै सबका होता गया कोई मेरा हो ना सका !!

*******

कुछ रूठे हुए लम्हें कुछ टूटे हुए रिश्ते……
हर कदम पर काँच बन कर जख्म देते है…

*******

कबूल करो मुझे, बिना आजमाए हुए,
फ़राज़
कि.. हीरा परखे बगैर भी, हीरा ही होता है…….

*******

मैं लिपट जाऊं तेरे ख्वाब से नागिन की तरह ,
आ तू भी समां जा मुझमें जहर की तरह….

*******

रूको … एक बात गौर से सुन लो …
तुम्हारा दिल हमारा है ,
अब जाओ , जो दिल में आये करो !!

*******

वो तेरे शामों के इंतज़ार में कटा वो दोपहर का वक़्त…
…लम्बा… बहुत लम्बा चलता है

मैं जैसे सदियाँ काट लेता हूँ हर दिन… तेरे इंतज़ार में…

*******

एक हमसफर वो होता है जो पूरी जिंदगी साथ निभाये ,
और एक हमसफर वो जो चंद लम्हो में पूरी जिंदगी दे जाये ..

*******

जब भी दिल से लिखने बैठे कलम भी फूट-फूट कर रोयी है…

*******

ग़म तो लिखा सो लिखा तकदीर ने मेरी जिन्दगी में, यूँ रातों को देर तक नींद ना आना किस गुनाह की सजा़ है।

*******

बेताब हो रहा है मेरा दिल मचल मचल के ,
शायद ये रात भी बीतेगी करवट बदल बदल के …..

*******

इस ज़िन्दगी में और
रखा ही क्या है……….
कुछ तस्वीरें यार की,
बाकी बोतलें
शराब की….

*******

इश्क का जुर्म हसीन , सजा दर्दनाक है !!

*******

खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है..!

वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!

*******

कमबख्त बीवियां भी अजीब चीज़ है…
भूखी रह जाएगी मगर चुप नहीं रहेगी।

*******

ये शहर आजकल वीरान पड़ा है,

सुनने में आया है कि…..

उनकी पायल खो गयी है….!!

*******

ज़हर से ज्यादा खतरनाक है ये मुहब्बत
….
ज़रा सा कोई चख ले तो मर-मर के जीता है।

*******

दस्तक की उम्मीद पे यारों कब तक जीते हम,
कल का वादा करने वाले मिलने आये बरसों बाद…

*******

बहुत खूबसूरत है ना वहम ये मेरा
कि तुम जहाँ भी हो सिर्फ मेरे हो !!

*******

जिन्दगी जला दी हमने जब जलानी थी…
अब धुएँ पर तमाशा क्यों और राख पर बहस कैसी….

*******

जुआ तो वो खेलते है
जीसे अपनी किस्मत आझमानी है
हम तो किस्मत से ही जुआ खेलते है..!!

*******

हर सिग्नल तेरी याद दिलाता है। तूने भी रंग कुछ इसी तरह बदला था…

*******

”छोटी छोटी बातें दिल में रखने से
बड़े बड़े रिश्ते कमजोर हो जाते हैं”

*******

तेरी आशिकी मुझे महंगी पड़े कोई गम नहीं ।। पर तू मुझे भूल जाये ये मौत सेकम नही…

*******

तकलीफें तो हज़ारों हैं इस ज़माने में…. बस कोई अपना नज़रअंदाज़ करे तो बर्दाश्त नहीं होता…

*******

कौन मेरी चाहतोँ का फसाना समझेगा इस दौर मेँ..
यहाँ तो लोग अपनी जरुरत को मोहब्बत कहते हैँ..

*******

अगर फुर्सत के लम्हों में मुझे याद करते हो तो मुझे याद मत करना;
मैं तनहा ज़रूर हूँ मगर फ़जूल नहीं।

*******

“डूबते हैं तो पानी को दोष देते हैं, गिरते हैं तो पत्थर को दोष देते हैं, इंशान भी क्या अजीब हैं दोस्तों…. कुछ कर नहीं पाता तो किस्मत को दोष देता हैं.”

*******

मोहब्बत ज़िन्दगी बदल देती है,
मिल जाए तब भी, ना मिले तब भी।

*******

हर रात को तुम इतना याद आते हो के हम भूल गए हैं,
के ये रातें ख्वाबों के लिए होती हैं, या तुम्हारी यादों के लिए!!!!!

*******

चलतें तो हैं वो साथ पर अंदाज देखिए..
जैसे की इश्क करके वो एहसान कर रहें है…

*******

ये बात और है कि इज़हार ना कर सकेँ..

नहीँ है तुम से मोहब्बत..भला ये कौन कहता है…

*******

जिस्म छू के तो.. सब गुज़रते हैं..
रूह छूता है कोई.. हज़ारों में…

*******

माना की नही आता मुझे किसी का दिल जीतना…..!!
मगर ये तो बताओ की यहाँ दिल है किसके पास…?

*******

तुम्हें जब कभी मिले फ़ुरसतें मेरे दिल से बोझ उतार दो,,
मैं बहुत दिनों से उदास हूँ मुझे कोई शाम उधार दो…!!

*******

समंदर की लहरों पर, पैरों के निशान बना सकता हूँ!
तुम साथ ग़र दो तो, जमीं पर आसमां बना सकता हूँ!!”

*******

फुर्सत मिले तो उन का हाल भी पूछ लिया करो…..
जिन के सीने में दिल की जगह तुम धड़कते हों ….

*******

दर्द बनाकर रख लो मुझे,
सुना है दर्द बहुत वक्त तक साथ रहता है ।

*******

खुद को खोने का पता नहीं चला,
किसी को पानेकी यूँ इन्तहा कर दी मैंने।

*******

चिराग़ रोशनी नही देते…
हम उम्मीद बुझने नही देते…

*******

“ये तो हद हो गई यार
ये दिल रोज़ मुझे ये कह कर डराता है,

की

याद करो उसे
वरना मै धड़कना छोड़ दूँगा……”

*******

तेरे आने से पहले उदासी रहती है,
तेरे जाने के बाद उदासी छाती है…

इस बीचजो वक़्त गुज़रता है उसे मैं
ज़िन्दगी नाम देता हूँ…

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हमेशा नहीं रहते सभी चेहरे नकाबो मैं….!
हर एक किरदार खुलता है कहानी ख़तम होने पर..

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जब भी हो थोड़ी फुरसत , मन की बात कह दीजिये …….

बहुत ख़ामोश रिश्ते , ज़्यादा दिनों तक ज़िंदा नहीं रहते …!!

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ऐ चाँद आज तोडा जल्दी आना…
कोई भूखा प्यासा बैठा है मैरे लिए…..
बस एक तेरे इन्तजार में…..

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“टाईम से आ जाया करो दिल दुखाने
वरना….;
ऐसे तो हम तुम्हें भूलते जायेंगें …..”

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दुश्मन हमारे सामने आने से भी डरता है….
और वो पगली हमारे दिल से आके खेल गयी…

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सौदा कुछ ऐसा किया है तेरे ख़्वाबों ने
मेरी नींदों से….

या तो दोनों आते हैं …. या कोई नहीं आता !!!

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इस दुनिया में कुछ अच्छा रहने दो,
बच्चों को बस, बच्चा रह ने दो …

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जब वो नाराज होता है

तब मुझे दुनिया की सबसे महेंगी चीज उसकी “मुस्कान “लगती है…