hindi Shayri part 3

उदास आखो में सहर का ख़ुमार देखा.
आज उसे इतना बेक़रार देखा ……..
जिसे होती न थी मेरे आने जाने की…


क्यूँ बोझ हो जाते हैं झुके हुए कंधे लोगो के लिए..!!

जिन पर चढकर कभी वो मेला देखा करते थे..!!


आदत मुस्कुराने की बनाईये
जनाब….रुठती तो ”हसीनाऐ ” हैं…


झूठ हमेशा इसलिए “बिक” जाता है, क्योंकि..!!
“सच” को खरीदने की सबकी “औकात” नहीं होती…!!


मैं लब हूँ ,
मेरी बात तुम हो ,
मैं तब हूँ ,
जब मेरे साथ तुम हो.


उदास आखो में सहर का ख़ुमार देखा.
आज उसे इतना बेक़रार देखा ……..
जिसे होती न थी मेरे आने जाने की…


इश्क की पतंगे उडाना छोड़ दी ।।

वरना हर हसीनाओं की छत पर हमारे ही धागे होते..


वादों से बंधी जंजीर थी
जो तोड़ दी मैने ….
अब जल्दी सोया करूँगा
मोहब्बत छोड दी मैने॥


मै सूरज के साथ रहकर भी भूला नहीं अदब,
लोग जुगनू का साथ पाकर मगरूर हो गये…


बावा अल्फाजो से खेलते रह गए हम
और मोहतरमा दिल से खेल के चली गईं ..?


न किसी से दुश्मनी है सबसे अपनी यारी तेरी शौतन तो पट गयी चल अब तेरी बरी।!


हद-ए-शहर से निकली तो गाँव गाँव चली,
कुछ यादें मेरे संग पांव पांव चली,
सफ़र जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ,
वो जिंदगी ही क्या जो छाँव छाँव चली।


जब बिखरेगा तेरे रूकसार पे तेरी आँखों का पानी ……तब तुझे एहसास होगा ,महोब्बत किसको कहते है…!!


रौशनी में कुछ कमी रह जाये तो बता देना,

दिल आज भी हाज़िर है जलने को!!


ना जाने कैसा रिश्ता है इस दिल का तुझसे,
धड़कना भूल सकता है पर तेरा नाम नही..


यूँ तो सब कुछ ठीक है मुझसे ख़फ़ा कोई नहीं,
पर मेरे एहसास में तेरे सिवा कोई नहीं ।………


जिदंगी में कभी किसी बुरे दिन से रूबरू हो जाओ…,

तो इतना “हौंसला” रखना की दिन बुरा था ,जिंदगी नहीं…..!!


हर बार हम पर इल्ज़ाम लगा देते हो मोहब्बत का, कभी खुद से भी पूछा है इतने हसीन क्यों हो।.


“चाहत सच्ची हो तो गहरी होती है,

और गहरी हो तो पूरी होती है।”


जो जले थे हमारे लिऐ, बुझ रहे है वो सारे दिये…!
.
.

कुछ अंधेरों की थी साजिशें, कुछ उजालों ने धोखे दिये… !!


मोहब्बत ख़ूबसूरत होगी किसी और दुनियाँ में……|इधर तो हम पर जो गुज़री है हम ही जानते हैं………||


रहता तो नशा तेरी यादों का ही है,कोई पूछे तो कह देता हुँ, पी रखी है..


महसूस कर रहे हैं तेरी लापरवाही कुछ
दिनों से, याद रखना अगर हम बदल गये तो मनाना तेरे बस की बात नही….


मेरा सीधा सादा मिजाज़ था..
मुझे इश्क होने की क्या खबर..

तेरी एक नज़र ने कमाल किया…
मेरे सारे शौक बदल दिए..❤?


चुभता तो बहुत कुछ मुझको भी है तीर की तरह..

मगर ख़ामोश रहेता हूँ, अपनी तक़दीर की तरह!!!


उम्मीद न कर इस दुनिया मेँ, किसी से
हमदर्दी की..!!बड़े प्यार से जख्म देते हैँ, शिद्दत से चाहनेवाले…!


?..हर रात जान बूझकर रखता हूँ दरवाज़ा खुला…! शायद कोई लुटेरा मेरा गम भी लूट ले


❤कमाल का जिगर रखते है कुछ लोग
दर्द पढ़ते है और,आह तक नहीं करते❤


बात” अच्छी है तो उसकी हर जगह चर्चा करो,
है बुरी तो “दिल” में रखो,
फिर “उसे” अच्छा करो..!!!


जिन्दगी मे सिफॅैं दो नशा करो, जीने केलिये यार..
और मरने के लिये प्यार करो ।।


तेरे गुरूर को देखकर तेरी तमन्ना ही छोड़ दी हमने, जरा हम भी तो देखे कौन चाहता है तुम्हे हमारी तरह…!!


अगर मोहब्बत नही थी बता दिया होता,
तेरे एक चुप ने मेरी ज़िन्दगी तबाह कर दी..


इतना याद न आया करो, कि रात भर सो न सकें। सुबह को सुर्ख आँखों का सबब पूछते हैं लोग।


उधर तेरा नेट चलना बंद होता
है…और यहाँ मेरी धड़कन..!!


है कौन सा ये शहर जहां कोई न हमसफर ,
बस्तियों में गुल खिले हैं, पर खुशबू है बेअसर …


वो कहते है कि तुम दिल से नहीं सोचते·٠•●☜☞●•٠·दिल उन के पास है ये वो क्यों नहीं सोचत


न कहा करो हर बार की हम छोड़ देंगे तुमको,
न हम इतने आम हैं, न ये तेरे बस की बात है…!!

??????????????

ए खुदा..!! मुझे प्यार उसी से हो जो…. मुझे पाकर प्यार में पागल हो जाए….!!

 


#दहाडने या #चिल्लाने का #शौक #नही है हमे ,
लोग #अंदाज ? #देखकर ही कह देत है,,,,
भाई #आशीर्वाद बनाए रखना.# 【 ÑÁWÄß 】


सफलता पछीनो सौथी अघरो तबक्को,तमारी सफलताथी खुश थनारने
शोधवानो होय छे….!!!


वो चाहते है जी भर के प्यार करना,
हम सोचते है…वो प्यार ही क्या जिससे जी भर जाये !!


अच्छा लगता हैं तेरा नाम मेरे नाम के साथ,
जैसे कोई खूबसूरत सुबह जुड़ी हो, किसी हसीन शाम के साथ !


Breakup के बाद भी अगर उसका Last Seen, Profile और Status चेक करते हो .. तो समजना की दिमाग़ से ही अलग हुए हो.. दिल से नहीं!!


दहशत भी है अफ़सोस भी हादसा ए हरम को देखकर..#:फिर भी ये सोच रहा हु काश मै भी उन लोगो में होता..!


इतना भी गुमान न कर आपनी जीत पर ऐ बेखबर, शहर में तेरे जीत से ज्यादा चर्चे तो मेरी हार के हैं..!!


वो बोली तुम बहोत # बेवफा हो..
में बोला पगली हम #बेवफा ही सही,
#वफादार तो कुत्ते होते हैं।;-


दुनियाँ को इसका चेहरा दिखाना पड़ा मुझे;
पर्दा जो दरमियां था हटाना पड़ा मुझे;
रुसवाईयों के खौफ से महफिल में आज;
फिर इस बेवफा से हाथ मिलाना पड़ा मुझे।


मेरी यादो की कश्ती उस समुन्दर में
बहती है….जहाँ पानी सिर्फ और सिर्फ मेरी पलकों काहोता है..


मोहब्बत चाहे कितनी ही खुशनुमा क्यों न हो,
मगर गम फिर भी दस्तक दे ही जाता है !!?


कितने कम लफ्जों मे जिंदगी को बयान करूँ लो तुम्हारा नाम लेकर किस्सा तमाम करूँ !!


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