Umeed Shayari

दोस्तों, इन्सान की ज़िन्दगी में उम्मीद की बहुत अहमियत होती है, आप अपने जीवन की किसी भी अवस्था में हों बिना दिल में उम्मीद के खुश नहीं रह सकते और न ही अपने लक्ष्य हांसिल कर सकतें है, आज हम आपके लिए पेश करने जा रहे हैं “उम्मीद” पर कुछ बेहतरीन शेर ओ शायरी, इन अशआर को पढ़कर अपने मन को तरोताजा कीजिये, अगर आपके मन में भी कुछ उम्मीद पर शायरी हो तो उसे कमेंट् बॉक्स में लिखना न भूलें.

हौसले के तरकश में कोशिश का वो तीर ज़िंदा रखो हार जाओ चाहे जिन्दगी मे सब कुछ मगर फिर से जीतने की उम्मीद जिन्दा रखो!


अधूरी मोहब्बत मिली….. तो नींदें भी रूठ गयी,….*

*गुमनाम ज़िन्दगी थी ….तो कितने सुकून से सोया करते थे….


उम्मीद ऐसी न थी महफिल के अर्बाब-ए-बसीरत से

गुनाह-ए-शम्मा को भी जुर्म-ए-परवाना बना देंगे

~क़लीम आजिज़


बहुत चमक है उन आँखों में अब भी,
इंतज़ार नहीं बुझा पाया है उम्मीद की लौ!


मत कर हिसाब तूं मेरी मोहब्बत का,,,

नहीं तो ब्याज में ही तेरी जिन्दगी गुजर जायेगी…


हम जिन्दगी से हमेशा वो चाहते हैं जो हमें अच्छा लगता है,,
,,,
मगर जिन्दगी हमको वही देती है जो हमारे लिए अच्छा होता है!


अब वफा की उम्मीद भी किस से करे भला
मिटटी के बने लोग कागजो मे बिक जाते है।


जिन्दगी से हम अपनी
कुछ  उधार नहीं  लेते!
कफन भी लेते हैं….
तो अपनी #जिन्दगी देकर!!!!


ज़िन्दगी हसीन है , ज़िन्दगी से प्यार करो …
हो रात तो सुबह का इंतज़ार करो …
वो पल भी आएगा, जिस पल का इंतज़ार हैं आपको…
बस रब पर भरोसा और वक़्त पे ऐतबार करो..!!


ज़िन्दगी एक मिनट में नहीं बदलती पर कोई भी निर्णय लेने से पहले अगर एक मिनट सोच ले तो ज़िन्दगी बदल सकती है.


हिंदी में मौसम शायरी

कुछ तो हवा भी सर्द थी
कुछ था तेरा ख़याल भी,
दिल को ख़ुशी के साथ साथ
होता रहा मलाल भी।


तपिश और बढ़ गई इन चंद बूंदों के बाद,
काले स्याह बादल ने भी बस यूँ ही बहलाया मुझे।


बादलों ने बहुत बारिश बरसाई,
तेरी याद आई पर तू ना आई,
सर्द रातों में उठ -उठ कर,
हमने तुझे आवाज़ लगाई,
तेरी याद आई पर तू ना आई,
भीगी -भीगी हवाओ में,
तेरी ख़ुशबू है समाई,
तेरी याद आई पर तू ना आई,
बीत गया बारिश का मौसम
बस रह गयी तनहाई,
तेरी याद आई पर तू ना आई।


कुछ तो तेरे मौसम ही मुझे रास कम आए,
और कुछ मेरी मिट्टी में बग़ावत भी बहुत थी।

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