Hindi shayari part 7

जानते हो मुहब्बत किसे कहते है..? किसी को सोचना, फ़िर मुस्कुराना और फ़िर आँसू बहाते हुए सो जाना…!!

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वक़्त बहुत कुछ, छीन लेता है …
खैर मेरी तो सिर्फ़ मुस्कुराहट थी ….!!

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कब तक मिलती पनाह हमेँ बहुत भीड़ थी उसके दिल मेँ….

हम खुद ना निकलते तो निकाल दिए जाते….!!!!

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अपने पैरों पर खड़े होकर मरना,घुटने टेक कर जीने से कहीं बेहतर है…..!!

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कुछ इस तरह ख्‍़याल तेरा जल उठा कि बस
जैसे दीया-सलाई जली हो अँधेरे में,
अब फूंक भी दो, वरना ये उंगली जलाएगा!

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वो नदी थी वापस मुड़ी नहीं,
मैं समंदर था आगे बढ़ा नही।

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जिंदगी देने वाले,
मरता छोड़ गये,
अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गये,
जब पड़ी जरूरत हमें अपने हमसफर की,
वो जो साथ चलने वाले, रास्ता मोड़ गये.

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उठाना खुद ही पड़ता है थका टुटा बदन
अपना।
की जब तक साँसे चलती है कन्धा कोई
नही देता।

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मैने सीखा है इन पत्थर की मुर्तीयों से,

भगवान बनने से पहले पत्थर बनना जरुरी है…

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मरने वाले को रोने वाले
हजार मिल जायेंगे मगर

जो जिंदा है उसे समजने
वाला एक भी नही मीलता. !!!!!!

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चलने दो जरा आँधियां हकीकत की….
न जाने कौनसे झौंके में अपनों के मुखौटे उड़ जाएं….

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कठपुतली के दर्द को भला किसने जाना है !

डोर नचाती है,खुश होता जमाना है !

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मेरी आधी फिक्र,आधे ग़म तो यूँही मिट जाते हैं,
जब प्यार से तू मेरा हाल पूछ लेती है !!!!

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दुशमन सामने आने से भी डरते थे . . .
और वो पगलि दिल से खेल के चलि गई . .

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जब वो नाराज होता है,

तब मुझे दुनिया की सबसे महेंगी चीज उसकी मुस्कान लगती है…

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बहाना कोई ना बनाओ तुम मुझसे खफा होने का…
तुम्हें चाहने के अलावा कोई गुनाह नहीं है मेरा…!!

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जुआ तो वो खेलते है
जीसे अपनी किस्मत आझमानी है
हम तो किस्मत से ही जुआ खेलते है..!!

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टाईम से आ जाया करो दिल दुखाने
वरना….;
ऐसे तो हम तुम्हें भूलते जायेंगें …..

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हजारों साल बीते,
पर इसका खारापन नहीं जाता,

न जाने किसके आंसू हैं,
समंदर तेरे पानी में..!

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मजबूर जरूर हु पर किसी का गुलाम नहि !!
सलतनत भले हि छोटि है पर
आज भी अकेला सुलतान हु !!

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मौत ने पुछा-
मैं आऊँगी तो, स्वागत करोगे कैसे…!!

मैंने कहा-
राह में फूल बिछाकर पूछुंगा…
कि आने में इतनी देर कैसे…!!!??

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बस एक यही बात उसकी मुझे अच्छी लगती है,,,,

उदास कर के भी कहती है,,,,

तुम नाराज़ तो नहीं हो ना….

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बहुत नजर अंदाज करने लगी हो तुम आजकल..
बाज आ जाओ वरना इन्ही आँखो से ढुढती फिरोगी एक दिन …

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अक्सर पूछते है लोग किसके लिए लिखते हो…
अक्सर कहता है दिल काश कोई होता…

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नाम भी होगा और काम भी होगा
होसला कभी मत हारना,
क्योंकि डूबते सूरज को देखकर लोग दरवाजे बंद कर देते है…

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झूठ कहते हैं लोग कि मोहब्बत सब कुछ छीन लेती है,..
मैंने तो मोहब्बत करके, ग़म का खजाना पा लिया !!

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चलो छोड़ दो हमको मगर इतना बता दो
के तुम मुझे याद करते थे या वक़त बरबाद करते थे…

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हाल पूछती नहीं दुनिया जिंदा लोगों का,
चले आते हैं ज़नाज़े पे बारात की तरह……

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आज कोई एक बुरी आदत छोडनी है..
कमब्खत तय केसै करु..
ना सीगरेट छौड सकता हु ना तुम्है…

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बस इतना जान लो
के तन्हा नही हो तुम…
मैं हूँ कहीं भी लेकिन;
तेरे संग-संग हूँ….!!!

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उमर की राह मे रास्ते बदल जाते हैं वक़्त की आँधी मे इंसान बदल जाते हैं सोचते हैं आपको इतना याद ना करें लेकिन आँख बंद करते ही इरादे बदल जाते है…

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मोहब्बत नही थी तो एक बार समझाया तो होता !!
बेचारा दिल तुम्हारी खमोशी को इश्क समझ बैठा !!

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कुछ तो रहम कर एय संगदिल सनम
इतना तडपना तो लकीरों मे भी न था..

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दुनिया के लिए आप एक व्यक्ति है…
पर परिवार के लिए आप उनकी दुनिया है .

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मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ..
कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है…

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इश्क़ पाने की तमन्ना में कभी कभी ज़िंदगी खिलौना बन जाती है;
जिसे दिल में बसाना चाहते हैं वो सूरत सिर्फ याद बन रह जाती है।

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मे तेरी ज़िन्दगी से चला जाऊ ये तेरी दुआथी..!
और तेरी हर दुआ कबूल हो ये मेरी दुआ थी….

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करीब इतना रहो कि रिशतो मै प्यार रहे।
दूर भी इतना रहो कि आने का इन्तजार रहे।

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कितने वर्षो का सफ़र ख़ाक हुआ….
जब उसने पुछा कहो कैसे आना हुआ.,.

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जरा तो शर्म करती तू
मुहब्ब्त चुप चुप के और
नफरत सरे आम ..!!!

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में छोड़ तो सकता हूँ लेकिन छोड़ नहीं पाता उसे,
वो मेरी बिगड़ी हुई आदत की तरहा है !

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बस 2 दिन की ये जिंदगानी है।
आज तेरी सुनी है कल अपनी सुनानि है।

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तुम मेरे पास थे ..हो.. और रहोगी…

ख़ुदा का शुक्र है यादों की कोई उम्र नहीं होती..

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औकात क्या है तेरी,
ए जिँदगी

चार दिन कि मुहोब्बत
तुझे तबाह कर देती है…

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इतनी क्या जल्दी है मुझे छोड़ने की ,
अभी तो हद बाकी है मुझे तोड़ने की !!

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हमनें आगोश-ऐ-मोहोब्बत से सिखा है सबक,
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जिसको रोना नहीं आता वो मोहोब्बत कर लें।

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चेहरा बता रहा था कि मारा है भूख ने,
सब लोग कह रहे थे कि कुछ खा के मर गया..

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मेरी नींदें उज़ाडने वाली…
ये बता अब तेरे ख्वाब कौन देखेगा..?

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मुझे इंतज़ार करना बेहद पसंद है,
ये वक़्त उम्मीद से भरा होता है..

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मैं सफल होना नही चाहता,
मैं चाहता हूँ कि मेरी जिन्दगी सफल हो |

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मेरे हक मे खुशिओं क़ी दुआ करते हो
तुम खुद मेरे क्यो नही हो जाते …!!