दिल चीर कर दिखाने से, हासिल कहाँ है कुछ, जो दिखी ना सच्चाई उन्हें, मेरे ब्यान की…….. उनको खबर कहाँ कि, जो खामोश हो ज़बां, ये शायरी ज़बां है किसी बेज़बान की……..

mohabbat-mein-


खुद ही तुमने महकती हवाओं में मिला दिया हमें, खुद ही तुमने इन पत्थरों पर चला दिया हमें, अब मिल गए है तुम में तेरी साँसों के जरिये.. फिर कैसे मिलेंगे जब खुद ही भुला दिया हमें ******************************* दिल से दिल मिलना चाहते हैं, दिल ही दिल में फूल खिलना चाहते हैं, हर खुशबू भी जैसे कम पडेगी, कुछ इस तरह तुमसे हम मिलना चाहते हैं.. ******************************* जब वक़्त था तब फुर्सत न मिली ! मिली फुर्सत तो वक़्त कम पड़ गया रास्ते हसीं रहे होंगे मगर! जीवन तो सारा ख्वाब में ख्वाब सा गुज़र गया ******************************* शायरी : Hindi Shayari चाँद उतरा था हमारे आँगन में, ये सितारों को गवाँरा ना हुआ, हम भी सितारों से क्या गिला करें, जब चाँद ही हमारा ना हुआ *******************************

शायरी : Hindi Shayari

कसूर ना उनका है ना मेरा, हम दोनो रिश्तों की रसमें निभाते रहे, वो दोस्ती का ऐहसास जताते रहे, हम महोब्बत को दिल में छुपाते रहे.. ******************************* शायरी : Hindi Shayari  जबसे आपको जाना है, जबसे आपको पाया है, हर दुआ में मेरी आपका नाम आया है! दिल करता है पूछूं उस खुदा से कि तूने इतना प्यारा दोस्त क्या सिर्फ मेरे लिए बनाया है? ******************************* शायरी : Hindi Shayari  गैरों से क्या शिकवा करूं, अपनों ने है ठगा, मेरी जां ने ही लगाई कीमत मेरी जान की……… कल तक जहाँ रहती थी, खुशियों की ही सदा, सन्नाटे में गूंजती है चीख , उस मकान की….

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