Dil se dil tak awaz gujri ho jaise

एक सन्नाटा दबे पाँव गया हो जैसै,

दिल से इक ख़ौफ सा गुज़रा है बिछड़ जाने का…


नहीं मिला कोई तुम जैसा आज तक,

पर ये सितम अलग है की मिले तुम भी नही.

Meri shayari




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