जैसे की आप सब जानते हैं हर तरफ येही नारा है डिजिटल इंडिया डिजिटल इंडिया क्या ये भी जानते है की इसमे सच्चाई कितनी है ? इस सरकार के आने के बाद भारत मैं दुनिया की सबसे उची मूर्ति जिसकी की लगभग 3 हजार करोड़ है और देश के बहुत से कोनो मैं महंगी मुर्तिया बनाई गई कुछ दिन पहले गुजरात में हुए हादसे में 21 बच्चो की आग में जलकर और कुछ बिल्डिंग से कूदने के कारण मोत हुई कियोंकि उस शहर मैं जहाँ मूर्ति की उचाई 790 फिट है वहां फायर ब्रिगेड की सीडी 15 फिट थी जबकि जिस बिल्डिंग में आग लगी थी उसके लिए 40 फिट की सीडी से 21 बच्चों की जान बचाई जा सकती थी पर अफ़सोस सभी बचाव कर्मी अपनी आँखों के सामने इस मोत का तमाशा देखते रहे और मिडिया ने सिर्फ 15 बच्चों की मोत का जीकर किया |

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दूसरी घटना पंजाब में 6 जून को संगरूर के गाँव भगवानपुर में फ्तेहविर नाम का 2 साल का बच्चा बोरवेल में गिर गया सारा गाँव शहर उसके लिए प्राथना करने में जुट गए पंजाब सरकार के बचाव कर्मीयों की टीम उसे बचाने में जुट गई जिसमे पंजाब पुलिस के इलावा इंडियन आर्मी के स्पेलिष्ट इस काम की अगवाई कर रहे थे और भी कई टीमे इसी काम में जुटी थी एक दिन बीत गया सभी निउज चेनल ने इसे लाइव टेलीकास्ट किया पूरा देश प्राथना कर रहा था की कब फ्तेह्बिर को बहार निकला जायेगा उस गद्दे के पास एक और गहरा गड्डा बनाया गया सबको उमीद थी की इसके जरिये निचे जाकर दोनों सुरंगों को एक साथ जोड़कर बच्चे को बहार नकाल लेंगे पर असफल रहे, बहुत से नोजवान जो स्पेलिष्ट थे इस काम के उन्होंने बहुत कोशिशे की कि हमे मोका दो मै 15 मिनट के बितर इस बच्चे को बहार निकल दूंगा पर प्रशासन ने उसे मंजूरी नहीं दी जरूरत पड़ेगी तो बतायेंगे कहकर टालते रहे, देखेते ही देखते दूसरा दिन फिर तीसरा दिन, चोथा दिन, पांचवा दिन भी बित गया पर हमारे देश के बड़ी बड़ी मशीने और एक्सपर्ट टीमें उसे बहार न निकल पाई न्यूज़ चेनलो में दिखया गया पांचवे दिन रात को उच्च अदिकरियो की मीटिग हुई और उन आम नागरिको को मोका दिया गया और फिर छेवे दिन की सुबह उसने अपनी बात सच कर दिखाई उसी बोर में जहाँ बच्चा गिरा था सुबह पाच बजे उसके हाथ में बांधी रसी से सिर्फ एक रोड़ के सहारे बच्चे को बहार निकल दिया, हेलिकप्टर के होते हुए हॉस्पिटल लिजाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया एम्बुलंस से बाये रोड उसे चंडीगड़ PGI होपितल तक पहुचाया गया, hospital के अन्दर मोजूद और इलाज करवा रहे पेशंट से पता चला की जब उसे होपितल लाया गया तो पुरे वार्ड में बदबू फैल गई थी बच्चे की पहले से ही मृतियु हो चुकी थी उसकी बॉडी डीकंपोज़ हो चुकी थी

मुझे बहुत अफ़सोस है ये लिखते हुए, पंजाब सरकार और भारत सरकार की इस नाकामी के बारे में | डिजिटल इंडिया कहने से नहीं बनेगा देश में इंजीनियरों की कमी नहीं है कमी सिर्फ ये है नोजवानो को मोका नहीं दिया जाता हजारों नहीं लाखो नोजवान बेरोजगार है बड़ी बड़ी डिगरिया होने के बावजूद भी वे मजबूर है मजदूरी कर रहे है, क्या ऐसे बनेगा डिजिटल इंडिया ?

पंजाब में हजारों नोजवानो को नशे के आधी किया गया इलेक्ष्नो में नशे को फ्री बाँट कर, जिसने इसके खिलाफ आवाज उठाई उसका मुह बंद कर दिया गया जा उसे अपनी जान से हाथ गवाना पड़ा कोण है इसका जिमेदार आप खुद ही फ़ेसला करें

गूगल पर फ्तेह्बिर सिंह की विडियो दखने के लिए जाएँ

एक नहीं बहुत सी एसी बातें है जो आपके साथ शेअर करना चाहता हूँ ए पोस्ट ज्यादा बड़ी हो जाएगी इसलिए नहीं लिखी नई जानकारी और भारत के नए अविष्कारों के बारे में बात करने के लिए फिर मुलकात होगी आज के लिए इतना ही हमारे ब्लॉग को सुब्स्क्राइब जरुर करे इमेल के जरिये नई पोस्ट की पाने के लिए |

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