ब्‍लड प्रेशर बढ़ने का संकेत है ये लक्षण, कभी ना करें अनदेखा

हाई ब्‍लड प्रेशर आधुनिक जीवनशैली में आम स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या बन गई है। सामान्य स्वास्थ्य वाले व्यक्ति का उच्चतम रक्‍तचाप 120 तथा न्यूनतम 80 होता है। सेहतमंद रहने के लिए रक्‍तचाप सामान्य रहना बहुत जरूरी है। एक अनुमान के मुताबिक, दुनिया में बड़ी संख्‍या में लोग हाई ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या से ग्रस्‍त हैं। उच्‍च रक्‍तचाप की समस्‍या में धमनियों में रक्‍त का दबाव बढ़ जाता है। दबाव की इस वृद्धि के कारण धमनियों में रक्‍त प्रवाह सुचारू बनाये रखने के लिये दिल को अधिक काम करने की आवश्यकता पड़ती है। अधिकतर लोग इस समस्‍या को अनदेखा कर देते हैं। कुछ ही लोग दवाओं का सेवन कर रक्‍तचाप को सामान्‍य रखते हैं।

अध्‍ययनों से साफ हुआ है कि उच्‍च रक्‍तचाप के 85 फीसदी मरीज समय से अपनी दवाई नहीं लेते। यदि आप खुद से प्‍यार हैं, तो रक्‍तचाप को नियंत्रण में रखें। हो सकता है आपको हाई ब्‍लड प्रेशर के लक्षणों के बारे में जानकारी न हों। इस लेख के जरिए हम आपको बता रहे हैं उच्‍च रक्‍तचाप के सामान्‍य लक्षणों के बारे में।

शुरुआती लक्षण

उच्‍च रक्‍तचाप के प्रारंभिक लक्षण में संबंधित व्‍यक्ति के सिर के पीछे और गर्दन में दर्द रहने लगता है। कई बार इस तरह की परेशानी को वह नजरअंदाज कर जाता है, जो आगे चलकर गंभीर समस्‍या बन जाती है।

तनाव होना

यदि आप खुद को ज्‍यादा तनाव में महसूस कर रहे हैं, तो यह उच्‍च रक्‍तचाप का संकेत हो सकता है। ऐसे में व्‍यक्ति को छोटी-छोटी बातों पर गुस्‍सा आने लगता है। कई बार वह सही-गलत की भी पहचान भी नहीं कर पाता। किसी भी समस्‍या से बचने के लिए जरूरी है कि आप जांच करा लें।

सिर चकराना

उच्‍च रक्‍तचाप के लक्षणों में सिर चकराना भी आम है। कई बार शरीर में कमजोरी के कारण भी सिर चकराने की परेशानी हो सकती है। ऐसे कोई लक्षण दिखाई दें, तो पहले अपने डॉक्‍टर से परामर्श कर लें।

थकावट होना

यदि आपको थोड़ा काम करने पर थकान महसूस होती है या जरा सा तेज चलने पर परेशानी होती है या फिर आप स‍ीढि़यां चढ़ने में काफी थक जाते हैं, तब भी आप उच्‍च रक्‍तचाप से ग्रस्‍त हो सकते हैं।

नाक से खून आना

सांस न आना, लंबी सांस आना या सांस लेने में परेशानी होने पर एक बार अपने चिकित्‍सक से संपर्क करें। ऐसे में व्‍यक्ति के उच्‍च रक्‍तचाप से ग्रस्‍त होने की प्रबल आशंका होती है। साथ ही यदि नाक से खून आए, तब भी आपको जांच करानी चाहिए।

नींद न आना

आमतौर पर उच्‍च रक्‍तचाप के रोगियों के साथ यह समस्‍या होती है कि उन्‍हें रात में नींद आने में परेशानी होती है। हालांकि यह परेशानी किसी चिंता के कारण या अनिंद्रा की वजह से भी हो सकती है।

हृदय की धड़कन बढ़ना

यदि आप महसूस करते हैं कि आपके हृदय की धड़कन पहले के मुकाबले तेज हो गई हैं या आपको अपने हृदय क्षेत्र में दर्द महसूस हो रहा है, तो यह उच्‍च रक्‍तचाप का भी कारण हो सकता है।

कैसे दवा का उपयोग किये बिना हाई ब्लडप्रेशर को कम करें

डाइट (diet) 

खुद खाना पकाएं या कम नमक वाले या बिना नमक के भोज्य पदार्थ खरीदें: टेबल साल्ट (table salt-सोडियम, सोडियम क्लोराइड) कम खाएं या खाने से बचें | आपको अपनी डाइट में निश्चित रूप से नमक की कम मात्रा की ज़रूरत होती है | सोडियम मांसपेशियों और नर्व (nerves) में इलेक्ट्रिक प्रोसेस (electric process) का नियमन करने में मदद करता है लेकिन इसकी अधिक मात्रा लेने से अतिरिक्त तरल इकठ्ठा होने लगता है जिससे आपके रक्त का तरल आयतन बढ़ जाता है | जब आपके रक्त का आयतन अधिक हो जाता है तब इस अतिरिक्त आयतन या वॉल्यूम को पूरे शरीर में गति कराने के लिए ह्रदय को पंप करने में कठिनाई होती है | इस कारण ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है | याद रखें, यह सिर्फ नमक नहीं है जिसे आप अपने भोजन में पकाते समय या खाते समय डालते हैं बल्कि यह सोडियम की मात्रा भी है जो आपके ख़रीदे गये तैयार भोजन में पायी जाती है | कई तैयार, पैकेज्ड भोज्य पदार्थों में सोडियम बेंजोएट (sodium benzoate) एक परिरक्षक (preservative) के रूप में पाया जाता है | आपको “लेबल पर ध्यान देने वाला” और “कम नमक/सोडियम” या ‘बिना नमक वाले” भोज्य पदार्थ खरीदने वाला व्यक्ति बनना चाहिए और बिना नमक का भोजन पकाना चाहिए | परन्तु, ऐसे प्रोडक्ट्स से सावधान रहें जो सोडियम के स्थान पर पोटैशियम को लेकर प्रोडक्ट में “कम सोडियम” होने का दावा करते हैं क्योंकि ये और अधिक हानिकारक हो सकते हैं |

2.नमक और अन्य योजकों के साथ साधारण प्रसंस्कृत (processed) खाद्य पदार्थों, तैयार, डिब्बाबंद और बोतलबंद भोज्य पदार्थों जैसे मीट, अचार, ऑलिव, सूप, मिर्च, सॉसेज, बेकरी प्रोडक्ट्स और मोनो सोडियम ग्लूटामेट (monosodium glutamate) या एमएसजी और पानी मिला हुआ मीट (जिसमे सोडियम की उच्च मात्रा पाई जाती है) लेने से बचें: मसालों से भी बचें जैसे तैयार मस्टर्ड या सरसों का सॉस, चिली सॉस, सोया सॉस, केचप, और अन्य सौसेस | प्रतिदिन 2 ग्राम (2000 मिलीग्राम) के कम सोडियम गृहण करने की कोशिश करें |

  • अधिकतर चिकित्सा विशेषज्ञ “कम सोडियम वाली डाइट” लेने कि सलाह देते हैं जिसमे सोडियम की मात्रा प्रतिदिन 1100 से 1500 मिलीग्राम के बीच हो | अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार वास्तव में मनुष्य का शरीर प्रतिदिन 200 मिलीग्राम से कम सोडियम खाने पर भी अपना काम सुचारू रूप से कर सकता है |
  • अच्छे स्वाद के लिए कई ब्रांड्स बिना नमक के मसाले बनाते हैं जिनमे मसालों और हर्ब्स के पाउडर और ठोस संयोजन आते हैं | साथ ही, नकली नमक वाले प्रोडक्ट्स सिर्फ कम या “लाइट” साल्ट वाले प्रोडक्ट्स नहीं हैं बल्कि ये “नमक के विकल्प” होते हैं (जैसे पोटैशियम पर आधारित पोटैशियम क्लोराइड) और इनका “सोडियम युक्त नमक से भिन्न” स्वाद के रूप में संयम से उपयोग किया जाना चाहिए |

3.मध्यम और बिना चर्बी वाला आहार खाएं और उत्तेजकों से बचें: कैफीन, ज्यादा मात्रा में चॉकलेट, चीनी, सफ़ेद कार्ब्स (carbs) (हालाँकि ब्रेड, पेस्ट्रीज और केक्स की तरह पास्ता तुरंत शर्करा में परिवर्तित नहीं होता), कैंडी, चीनीयुक्त पेय और आहर में उपस्थित अतिरिक्त फैट से बचें | बहुर अधिक मांस, दूध के उत्पाद और अंडे खाने की अपेक्षा शाकाहारी आहार अधिक लेने की कोशिश करें |

4.कैफीन (caffeine) का उपयोग कम करें: कॉफ़ी और अन्य कैफीनयुक्त पेय पदार्थों को लेना बंद करने से ब्लड प्रेशर कम हो जायेगा | लेकिन सिर्फ एक या दो कप कॉफ़ी आपके ब्लड प्रेशर को “अस्वस्थ स्टेज के पहले स्तर” पर पहुंचा सकती है | अगर कोई व्यक्ति पहले से ही हाइपरटेंशन की पहली स्टेज में हो तो कॉफी सामान्यतः और गंभीर परेशानियाँ उत्पन्न कर सकती है क्योंकि कैफीन एक तंत्रिका तंत्र उत्तेजक (nervous system stimulant) है | इस प्रकार, उत्तेजित तंत्रिकाओं के कारण ह्रदय तेज़ी से स्पंदन करता है जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है | अगर आप ऐसे व्यक्ति हैं जो बहुत ज्यादा कॉफ़ी पीते हैं (प्रतिदिन 4 कैफीन युक्त पेय से अधिक) तो आपको खुद को कॉफ़ी को छोड़ने के बाद होने वाले लक्षणों जैसे सिरदर्द से बचाने की ज़रूरत हो सकती है |

5.फाइबर (fiber) बढ़ाएं: फाइबर आपके सिस्टम को साफ़ करते हैं और पाचन को नियमित करके ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखने में मदद करते हैं | कई फलों, नट्स और फलियों जैसे बीन्स और मटर में समग्र अनाज के उत्पादों के समान फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है |

6.वज़न कम करें: अधिक वज़न होने के कारण आपके ह्रदय को हर समय अधिक कठिनाई से काम करना पड़ता है और इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है। मान लें, अगर आपका वज़न 9 किलोग्राम तक अतिरिक्त रूप से बढ़ जाएँ तो यह उसी प्रकार होगा जैसे आप लगभग 9 किलोग्राम का सामान उठाये हुए हों | जब आपका यह अतिरिक्त वज़न उठाये हो तब अपनी कॉलोनी के चारों ओर रोज़ टहलें | जल्दी ही, आपका ह्रदय तेज़ी से और कठिनाई से धड़कना शुरू कर देगा, आपकी सांस फूलने लगेगी और आप बहुत थकान अनुभव करने लगेंगे | अंततः, एक समय पर ऐसा बिंदु आयेगा जब आप सामान को नीचे रखने के लिए और इंतज़ार नहीं कर पाएंगे |

  • सोचें कि पूरे समय यह अतिरिक्त वज़न को वहन करना आपके शरीर के लिए कितना मुश्किल भरा होता है! दुर्भाग्यवश, हममे से कई लोग 9 किलोग्राम से भी ज्यादा वज़न का वहन करते रहते हैं | इस अतिरिक्त वज़न को कम करने से आपके ह्रदय को धड़कने में मुश्किल नहीं होगी और आपका ब्लड प्रेशर कम हो जायेगा |

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7.आराम करें

तनाव कम करने के लिए अपने शरीर को आराम दें: कई लोगों को तनाव होने पर अस्थायी रूप से ब्लडप्रेशर बढ़ता है | अगर आपको अधिक वज़न या फैमिली हिस्ट्री की वज़ह से हाई ब्लडप्रेशर है तो तनाव होने पर यह और अधिक बढ़ जाता है क्योंकि एड्रेनल ग्लैंड (adrenal gland) स्ट्रेस हार्मोन निकालती हैं जिसके कारण आपका कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम अधिक काम करने के लिए प्रवृत्त होता है |

  • अगर आप चिरकारी तानाव से जूझ रहे हैं जिसमे प्रतिदिन तनाव के हार्मोन उत्पन्न होते हैं तो आपका कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम (cardiovascular system) स्वाभाविक रूप से एक ऐसी स्थिति में आ जायेगा जहाँ उसे अधिक काम करना पड़ेगा | अधिकतर ऐसा होने के कारण स्ट्रेस हार्मोन (stress hormone) “लड़ो या भागो” की तैयारी के रूप में आपकी नाडी, श्वसन और ह्रदय गति को बढ़ा देते हैं | आपके शरीर को लगता है कि आपको लड़ने या भागने की ज़रूरत आ पड़ी है इसलिए स्वाभाविक रूप से आपका शरीर इनमें से किसी एक स्थिति के लिए तैयार होता है | लम्बे समय तक रहने वाले तनाव के बाद सोचिये की आपका ह्रदय किस प्रकार काम करता है | इसलिए कुछ विश्राम या शिथिलीकरण की तकनीकें आजमायें:
  • सोने जाने से पहले एक लम्बे तनाव भरे दिन के तनाव कम करने के लिए लम्बी दूरी तक टहलने की कोशिश करें | प्रतिदिन तनाव कम करने के थोड़ा लिए समय निकालें |

ध्यान लगायें: सरल रूप से श्वसन दर का अवलोकन और धीमा करने पर ब्लड प्रेशर में एक विशिष्ट कमी उत्पन्न होती है

म्यूजिक के साथ धीमी गति से सांस लेने के द्वारा ब्लड प्रेशर कम करें: धीमी और गहरी सांसें लें लेकिन आईटीआई धीमी साँस न लें कि असुविधा होने लगे और अगर आपको पसंद हो तो म्यूजिक सुनें जिससे ब्लड प्रेशर कम होने से आपको आराम मिलेगा | ऐसा तब तक करें जब तक आप सो न जाएँ या फिर कभी-कभी 5, 10, या 15 मिनट के अंतराल से पूरे दिन करें |

ड्रग्स और अल्कोहल से बचें: ड्रग्स और अल्कोहल के अत्यधिक उपयोग से आपके शरीर के कई अंग क्षतिग्रस्त हो सकते हैं जिनमे लीवर (liver) और किडनी भी शामिल हैं | जब इन अंगों को नुकसान पहुँचता है तो शरीर में तरल का निर्माण हो सकता है | जैसा कि पहले बताया जा चुका है कि अतिरिक्त तरल ह्रदय का धड़कना मुश्किल बना देता है और इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है |

  • कई ड्रग्स उत्तेजक (stimulants) होती हैं | इनके कारण ह्रदय तेज़ी से धड़कने लगता है और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है | इन ड्रग्स और अल्कोहल को न लेने से आप सफलतापूर्वक अपना ब्लड प्रेशर कम कर सकेंगे |
  • काउंटर पर मिलने वाली कुछ दवाएं जैसे सिरदर्द के लिए इबुप्रोफेन (ibuprofen) लेने से शरीर में सोडियम का एकत्रीकरण हो जाता है | इसलिए जो लोग ऐसे प्रोडक्ट्स का इस्तमाल करते हैं जिनसे सोडियम शरीर में स्वाभाविक रूप की अपेक्षा अधिक इकठ्ठा हो तो उनके सिस्टम पर इससे अधिक तनाव उत्पन्न होगा |

सलाह

  • प्रतिदिन किया जाने वाला 30 मिनट का व्यायाम वास्तव में ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद कर सकता है |
  • मछली के तेल की टेबलेट नियमित रूप से लें | ये आपका ब्लडप्रेशर कम कर सकती हैं | हालाँकि, मछली के तेल की टेबलेट के प्रोडक्ट की जांच कर लेना चाहिए क्योंकि निश्चित प्रकार से प्रोसेस्ड मछली के प्रोडक्ट्स के द्वारा पारा या मरकरी का स्तर बढ़ने के बारे में तर्क हैं |
  • फलों के रस पर आधारित उपवास (कैलोरी डाइट को कम करना) कुछ लोगो के लिए मददगार साबित हो सकता है लेकिन पहले डॉक्टर से सलाह लें |
  • ऐसे भोज्य पदार्थों को परोसें जिनमे सोडियम की मात्रा कम, मध्यम या उच्च कही जाती हैं | एक सेव या अन्य ताज़े फल 100 मिलीग्राम से कम मात्रा में सोडियम होने पर “कम सोडियम” कहे जा सकते हैं |

निम्नलिखित लिस्ट “प्रतिदिन लिए जाने वाले नमक/सोडियम के अंतर्ग्रहण” के बारे में है और प्रत्येक विशेष भोज्य पदार्थ के लिए प्रत्येक भोज्य पदार्थ के लेबल को पढ़कर क्या एक चीज़ मिलाई जा सकती है उससे सम्बंधित है:

  • कम सोडियम= 0 मिलीग्राम- 1400 मिलीग्राम (0-1.4 ग्राम)
  • मध्यम सोडियम= 1400 मिलीग्राम- 4000 मिलीग्राम (1.4-4 ग्राम) नोट: सोडियम का “रिकोम्मेंडेड डेली अलाउंस (recommended daily allowance या आरडीए)” लगभग 2500 मिलीग्राम है |
    • उच्च सोडियम= 4000 मिलीग्राम (4 ग्राम) या उससे ज्यादा |

चेतावनी

  • सावधानी: लो ब्लड प्रेशर (low blood pressure) या हाइपोटेंशन (hypotesion) जो 60/40 से कम हो, बहुत खतरनाक होता है और इस स्थिति में तुरंत चिकित्सीय देखभाल लें |
  • अगर लहसुन को अधिक मात्रा में लेंगे तो इसके परिणामस्वरूप एस्पिरिन (aspirin) लेने के समान ही रक्त पतला हो सकता है और इसके कारण ब्लड क्लोटिंग (blood clotting) और नील (bruising) की समस्या हो सकती है |
  • सावधानी: अगर आपको ब्लड प्रेशर 180/110 या इससे ज्यादा हाई रीडिंग तक पहुँच जाये तो तुरंत चिकित्सीय देखभाल अपनाएं | यह “हाइपरटेंसिव क्राइसिस (hypertensive crisis)” का संकेत हैं जिसके कारण कई गंभीर स्थितियां हो सकती है बल्कि समय पर सही इलाज़ न होने पर मृत्यु भी हो सकती है |
  • हालाँकि, ये सभी उपाय ब्लड प्रेशर को कम करने में प्रभावी हैं लेकिन कभी-कभी ये भी काफी नहीं होते | अगर इन उपायों का प्रयोग करते हुए और अपना ब्लड प्रेशर चेक करते हुए भी आपका ब्लड प्रेशर 140/90 एमएमएचजी (mmHg) या उससे ज्यादा बना रहे तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए | लगातार बिना इलाज़ किये या बिना जांच किये हाइपरटेंशन से ह्रदय की के मोटे मांसपेशियों होने और कठोर होने, डायबिटीज, तंत्रिका हानि, “हार्ट अटैक” और “स्ट्रोक (stroke)” होने की सम्भावना होती है जो व्यक्ति को जीवनभर के लिए व्हीलचेयर (wheelchair) पर आश्रित कर देती हैं |स्ट्रो क कभी-कभी व्यक्ति के मस्तिष्क के कार्यों को पर्याप्त क्षति पहुँचा सकता है जिससे बोलने और पानी या भोजन निगलने में स्थायी रूप से रुकावट आ सकती है |
    • किडनी फेलियर (kidney faliure) हाई ब्लड प्रेशर का एक अन्य उपद्रव है जिससे व्यक्ति को जीवनभर किडनी को डायलिसिस (dialysis) पर रखना पड़ता है | अगर आपको लगता है कि आप सुरक्षा उपाय नहीं अपना सकते तो एक पेपर के टुकड़े पर “हार्ट फेलियर”, “स्ट्रोक” और “किडनी फेलियर” लिखें और इसे अपने रेफ्रीजिरेटर पर “आपके साथ हाई ब्लड प्रेशर की वज़ह से क्या हो सकता है” को याद दिलाने के रूप में चिपका लें |

धूम्रपान को कहें अलविदा सिर्फ एक घंटे के बितर

दिल पर सबसे बुरा असर धूम्रपान का पड़ता है। अगर आप धूम्रपान करते हैं तो जल्‍दी छोडने की कोशिश कीजिए। आपकी धूम्रपान की आदत छुड़ाने में खान-पान की भूमिका अहम होती है। विटामिन से भरपूर चीजें जैसे कि रसीले फल, शिमला मिर्च, आंवला आदि खाने से धूम्रपान करने की इच्छा कम होती है। शुगर फ्री कैंडी से अपने मुंह को व्यस्त रखें। धूम्रपान की तलब लगने पर कुछ सूखे मेवों की महक आपका ध्यान भटका सकती है। इस लेख को जरुर पड़ें केसे  धूम्रपान को कहें अलविदा सिर्फ एक घंटे के बितर 

नोट  :- इस लेख में बताये गए नुस्खे आपकी जानकारी के लिए है। कोई भी उपाय करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। पहले से ली जा रही कोई भी दवा बंद न करें। असुविधा होने पर इस साइट की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी। 




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